Tarun Tejpal Case : कभी खोजी पत्रकारिता का सबसे बड़ा चेहरा, अब इस मामले में मिली 10 साल की सजा ,जानिए तरुण तेजपाल की कहानी

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तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के चर्चित रेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने दोषी करार दिया है। अदालत ने 2021 में निचली अदालत द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए कहा कि साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया था। अब सजा पर अलग से सुनवाई होगी।

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 04:11 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 04:14 PM IST

Tarun Tejpal Case

HIGHLIGHTS
  • 13 साल पुराने चर्चित मामले में बड़ा कानूनी फैसला।
  • हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के साक्ष्य मूल्यांकन पर सवाल उठाए।
  • दोषसिद्धि के बाद अब सजा तय होना बाकी।

नई दिल्ली : Tarun Tejpal Case  देश के बहुचर्चित तरुण तेजपाल केस में 13 साल बाद बड़ा कानूनी फैसला आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त 2026 को निचली अदालत का 2021 का फैसला पलटते हुए तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दुष्कर्म का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी माना है और अब सजा पर अलग से सुनवाई होगी।

क्या है पूरा मामला ?

यह पूरा मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा के एक होटल में आयोजित ‘थिंक फेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान तरुण तेजपाल पर तहलका की एक जूनियर महिला पत्रकार ने होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़िता की शिकायत पर गोवा पुलिस ने तेजपाल के खिलाफ रेप और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। साल 2014 में क्राइम ब्रांच द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ा और 2017 में कोर्ट ने औपचारिक आरोप तय कर गोपनीय सुनवाई शुरू की।

2021 में हुए थे बरी

लंबी सुनवाई के बाद मई 2021 में गोवा की जिला एवं सत्र अदालत ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का दोबारा गहराई से मूल्यांकन किया। अदालत ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही तरीके से आकलन नहीं किया था, जिसके बाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए तेजपाल को दोषी करार दिया है।

कौन है तरुण तेजपाल ?

भारत के जाने-माने पत्रकार तरुण तेजपाल ने देश के प्रमुख अखबारों और पत्रिकाओं में लंबे समय तक काम करने के बाद साल 2000 में ‘तहलका’ पत्रिका की शुरुआत की थी। kaun Hai Tarun Tejpal बहुत ही कम समय में अपनी बेहतरीन खोजी पत्रकारिता और बड़े खुलासों के दम पर ‘तहलका’ ने भारतीय मीडिया जगत में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी।

2001 में स्रिंग ऑपरेशन के बाद मिली लोकप्रियता

‘तहलका’ की सबसे बड़ी खासियत उसके द्वारा किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन थे। पत्रिका के रिपोर्टर अपनी पहचान छिपाकर और गुप्त कैमरों की मदद से सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाते थे। साल 2001 में तहलका द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन वेस्ट एंड’ (Operation West End) स्टिंग से इसे देशभर में सबसे ज्यादा लोकप्रियता मिली।

क्या है Operation West End ?

इस स्टिंग के दौरान रिपोर्टरों ने खुद को फर्जी हथियारों का डीलर बताकर सैन्य अधिकारियों, नौकरशाहों और तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घूस लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। इस बड़े खुलासे के बाद तत्कालीन सरकार बैकफुट पर आ गई थी, वहीं दूसरी ओर तरुण तेजपाल का कद और लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी।

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