नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए साझा सीट आवंटन प्रणाली के तहत स्नातकोत्तर (पीजी) दाखिले के दूसरे दौर के सीट आवंटन की घोषणा कर दी है और पहला दौर पूरा होने के बाद 8,150 दाखिले हो चुके हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को कहा गया कि दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले के दूसरे दौर में 2,964 नए आवंटन किए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रथम चरण में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों में से 3,399 ने उन्हें आवंटित सीट को स्वीकार करते हुए उन्हें यथावत रखने का विकल्प चुना, जबकि 2,448 अभ्यर्थियों ने आगामी चरणों में अपनी उच्च प्राथमिकता वाले पाठ्यक्रमों या महाविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए ‘अपग्रेड’ विकल्प का चयन किया। वहीं, 2,303 अभ्यर्थियों ने न तो सीट यथावत रखने का विकल्प चुना और न ही ‘अपग्रेड’ का।
जानकारी दी गई कि दूसरे चरण के तहत सीट आवंटन की जानकारी स्नातकोत्तर प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही, विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम आवंटन अंक भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिए गए हैं।
इससे पहले, विश्वविद्यालय ने सूचित किया था कि दाखिले के पहले दौर में 11,548 सीट आवंटन की पेशकश की गई थी।
इनमें से 10,393 उम्मीदवारों ने अपने आवंटन को स्वीकार कर लिया। 19 जून को शुल्क भुगतान की समय सीमा समाप्त होने तक, कुल 8,150 उम्मीदवारों ने निर्धारित शुल्क का भुगतान करके दाखिला प्रक्रिया पूरी कर ली।
इस बीच, पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और सोमवार को इसके तीसरे चरण की शुरुआत हो गई।
विश्वविद्यालय ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में अब तक 104 दाखिलों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, तीसरे चरण के तहत सीट आवंटन की जानकारी अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध करा दी गई है और ‘कट-ऑफ’ अंक भी जारी कर दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय में बी.टेक. पाठ्यक्रमों में भी दाखिला प्रक्रिया जारी है।
बी.टेक. प्रवेश के लिए पंजीकरण 18 जून को समाप्त हो गया था, जिसमें 3,620 आवेदन प्राप्त हुए। पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए आवेदन में संशोधन करने की सुविधा 20 जून तक उपलब्ध कराई गई थी। प्रथम प्रवेश सूची 24 जून को जारी की जाएगी।
भाषा
खारी वैभव
वैभव