नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि योग और आयुष को दुनियाभर में स्वीकार किया जा रहा है क्योंकि समग्र स्वास्थ्य देखभाल, कोविड के बाद की दुनिया की जरूरत बन गयी है। लाल किले की प्राचीर से 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने पृथक आयुष मंत्रालय की स्थापना की है और दुनिया का ध्यान आयुष एवं योग की ओर खींचा है।
आयुष मंत्रालय के तहत आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी समेत वैकल्पिक स्वास्थ्य व्यवस्था आती है।
मोदी ने कहा, ‘‘ दुनिया हमारी प्रतिबद्धता के चलते अब हमारी ओर देख रही है। यदि हम खुद ही इसकी क्षमता से इनकार करेंगे तो दुनिया कैसे उसे स्वीकार करेगी। लेकिन जब इस मंत्रालय की स्थापना की गयी तब दुनिया ने उसकी महत्ता का अहसास किया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह भारत कोरोना वायरस संकट से निपटा, वैसे में दुनिया ने भी भारत की क्षमता को देखा। उन्होंने कहा कि महामारी ने सिखाया कि मानव केंद्रित पहल के बिना विकास संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जब अन्य देशों की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गयी तब हमने दुनिया की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मानव केंद्रित पहल की वकालत की थी।’’
भाषा राजकुमार नरेश
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