दुर्गा पूजा में दार्जिलिंग की हसीन वादियों का विशेष टॉय ट्रेन से लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक

दुर्गा पूजा में दार्जिलिंग की हसीन वादियों का विशेष टॉय ट्रेन से लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक

दुर्गा पूजा में दार्जिलिंग की हसीन वादियों का विशेष टॉय ट्रेन से लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक
Modified Date: August 26, 2026 / 02:50 pm IST
Published Date: August 26, 2026 2:50 pm IST

दार्जिलिंग (बंगाल), 26 अगस्त (भाषा) यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए अलग-अलग छोटे मार्गों पर विशेष भ्रमण सेवाएं शुरू करेगा। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इनमें कुरसियांग और महानदी स्टेशनों के बीच चलने वाली ‘मुक्तधारा’ नाम की दोतरफा सेवा भी शामिल होगी। यह सेवा नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि स्वरूप शुरू की जा रही है। उनकी प्रसिद्ध कविता ‘मुक्तधारा’ इस क्षेत्र से होकर बहने वाली पगलाझोरा जलधारा की प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी हुई है।

डीएचआर की अधिकारी प्रतीक्षा छेत्री ने कहा, ‘‘आगामी दुर्गा पूजा त्योहार के अवसर पर डीएचआर पर्यटकों और आगंतुकों को इस विरासत रेलवे तथा दार्जिलिंग की पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने के अधिक अवसर देने के लिए अतिरिक्त विशेष भ्रमण सेवाएं शुरू करेगा।’’

उन्होंने एक बयान में बताया कि एक अक्टूबर से डीएचआर विशेष भ्रमण सेवाएं संचालित करेगा। इनमें दार्जिलिंग और घूम के बीच चार एकतरफा सैर तथा कुरसियांग और महानदी के बीच दो दोतरफा सैर शामिल होंगी।

छेत्री ने बताया कि दार्जिलिंग-घूम के बीच सैर डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनों द्वारा की जाएगी और एक तरफ की यात्रा का प्रस्तावित किराया 800 रुपये होगा।

उन्होंने बताया कि कुरसियांग और महानदी के बीच चलने वाली दो दोतरफा सेवाओं में से एक भाप इंजन से संचालित होगी। इसे ‘रेड पांडा’ नाम दिया गया है। इसके जरिए यात्रियों को डीएचआर के प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर और ऐतिहासिक विरासत वाले हिस्से का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इस भाप इंजन वाली दोतरफा यात्रा का प्रस्तावित किराया 1,530 रुपये है।

कुरसियांग और महानदी के बीच दूसरी आवागमन सेवा ‘मुक्तधारा’ होगी। यह डीजल इंजन से संचालित होगी और इसका किराया प्रति यात्री 1,030 रुपये होगा।

डीएचआर अधिकारी ने कहा, ‘‘इन विशेष सेवाओं के जरिए दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का उद्देश्य दुर्गा पूजा के त्योहार को एक अनूठा विरासत अनुभव प्रदान करना है। इससे पर्यटक क्षेत्र की ऐतिहासिक रेलवे, भाप इंजन की विरासत, प्राकृतिक दृश्यों और सांस्कृतिक विरासत का आनंद ले सकेंगे।’’

भाषा गोला वैभव

वैभव


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