चंडीगढ़, दो अक्टूबर (भाषा) पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर रावण, उसके पुत्र मेघनाद और भाई कुंभकर्ण के विशाल पुतलों के दहन के साथ बृहस्पतिवार को दशहरा उत्सव पूरे धूमधाम से मनाया गया।
दशहरा पर्व को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, यह भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का स्मरण कराता है।
पंजाब में अमृतसर, मोहाली, लुधियाना, पटियाला और पठानकोट जबकि हरियाणा में पंचकूला, करनाल, रोहतक, अंबाला सहित कई स्थानों पर पुतला दहन समारोह आयोजित किए गए। शाम को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलते हुए देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने दशहरा के पावन अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
घोष ने इस अवसर पर एक संदेश में कहा, ‘‘मैं देश के सभी नागरिकों और हरियाणावासियों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मां दुर्गा सभी को सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन प्रदान करें।’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी दशहरा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व की आप सभी को हार्दिक बधाई। आइए, हम अपने भीतर की बुराइयों और बुरी आदतों को मिटाने तथा अच्छे विचारों को सामने लाने का संकल्प लें। ’’
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी दशहरा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
सैनी ने कहा, ‘‘अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी के पावन पर्व पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई। विजयादशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, धर्म, सत्य, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति विजय अवश्य प्राप्त करता है।’’
दशहरा समारोह के मद्देनजर पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
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