Lucknow Fire Incident / Image Source
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत की घटना को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि नियमों पर भ्रष्टाचार हावी हो चुका है।यादव ने हादसे में मारे गये लोगों के परिजन को एक—एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी की। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख पर पलटवार करते हुए इस त्रासदी का राजनीतिकरण नहीं करने की ताकीद की और दावा किया कि जिस इमारत में आग लगी वह खुद सपा के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की देन थी।सपा प्रमुख ने सोमवार को हुई घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया और कहा, ”अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। नियमों का पालन नहीं होने के कारण इतने लोगों की जान चली गयी।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आग से बचने के लिए खिड़की से कूदने वाले एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा, ”आज मैं उस व्यक्ति से मिला जिसे वीडियो में खिड़की से कूदते हुए देखा गया था। उसे रीढ़ की हड्डी में चोट आई है। वह नौकरी करता था और उसके परिवार ने मुझे बताया कि इलाज लंबे समय तक चलेगा। उसकी मां की भी मौत हो चुकी है। सवाल यह है कि इस दौरान परिवार की देखभाल कौन करेगा।”हादसे में घायल हुए लोगों की आर्थिक मदद की मांग करते हुए यादव ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घायल व्यक्तियों को तब तक वेतन मिलता रहे जब तक वे ठीक होकर काम पर लौटने लायक ना हो जाएं।यादव ने मारे गये लोगों के परिजन को एक—एक करोड़ रुपये की सरकारी सहायता देने की मांग करते हुए कहा, ”मरने वालों में 21 से 25 साल के युवा भी थे, जिनका पूरा जीवन बाकी था।
सरकार को उस हर परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए जिसने इस त्रासद घटना में किसी अपने को खोया है।”इस बीच, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव से इस त्रासदी का राजनीतिकरण न करने की अपील की और आरोप लगाया कि यह इमारत समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की ही देन थी।पाठक ने ‘एक्स’ पर कहा कि यह इमारत अखिलेश यादव सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है।उन्होंने कहा कि इस इमारत को सील किया गया था और अखिलेश की सरकार के दौरान ही सील हटाई भी गई थी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आग से प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।