कुमारी सैलजा ने की सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण की मांग

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कुमारी सैलजा ने की सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण की मांग

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  • Publish Date - June 23, 2026 / 05:24 PM IST,
    Updated On - June 23, 2026 / 05:24 PM IST

चंडीगढ़, 23 जून (भाषा) सिरसा से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने देशभर में हाल में हुई आग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अग्नि सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन और अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण की मांग की है।

लखनऊ में आग लगने की घटना में 15 व्यक्तियों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर छात्र थे। सैलजा ने जारी एक बयान में कहा कि यदि सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता और उनकी नियमित निगरानी होती, तो ऐसी कई दुखद घटनाओं को टाला जा सकता था।

उन्होंने वर्ष 1995 की डबवाली आग हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस हादसे के बाद अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई कानून और दिशा-निर्देश बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि हालांकि, उनका प्रभावी क्रियान्वयन अब भी नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों में आग लगने की बार-बार घटनाएं हो रही हैं।

सैलजा ने कहा कि सिरसा जिले के मंडी डबवाली में एक स्कूल समारोह के दौरान लगी भीषण आग में बच्चों समेत कम से कम 400 लोगों की जान चली गई थी।

उन्होंने धार्मिक आयोजनों, होटलों, पटाखा कारखानों और कोचिंग संस्थानों में लगी आग की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अग्नि सुरक्षा तैयारियों में अब भी गंभीर कमियां बनी हुई हैं।

कांग्रेस नेता के अनुसार, प्रशासनिक जवाबदेही की कमी और लापरवाही के कारण शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता रहा है। उन्होंने जोखिम कम करने और जनहानि रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा नियमों के नियमित निरीक्षण तथा अनुपालन पर जोर दिया।

हरियाणा की स्थिति का उल्लेख करते हुए सैलजा ने कहा कि राज्य के कई जिलों में अग्निशमन कर्मियों की कमी है और अनेक अग्निशमन केंद्र पर्याप्त उपकरणों के बिना संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से अग्निशमन विभाग में रिक्त पदों को भरने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार हो सके।

सैलजा ने सार्वजनिक और निजी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपायों का समय-समय पर ऑडिट कराने की भी मांग की, ताकि निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार के समझौते के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।’’

भाषा अमित माधव

माधव