तिरुवनंतपुरम/कासरगोड, एक सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) ने मंगलवार को यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय और कन्हांगड में पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। संगठन ने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के एक कार्यकर्ता से जुड़े कासरगोड एमडीएमए (मादक पदार्थ) मामले की जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
युवा संगठन डीवाईएफआई के दोनों विरोध प्रदर्शनों के दौरान उसके कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच मामूली झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की।
उत्तरी कासरगोड जिले के कन्हांगड में पुलिस ने पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से कई मीटर पहले ही अवरोधक लगाकर मार्च को रोक दिया। दोनों प्रदर्शन स्थलों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
डीवाईएफआई ने आरोप लगाया कि आरोपियों के प्रभावशाली लोगों से कथित संबंधों की भी जांच नहीं की गई। संगठन ने कहा कि गिरफ्तारियों के अलावा मामले में कोई प्रभावी जांच नहीं हुई है।
डीवाईएफआई ने आरोप लगाया कि मामले को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि इसमें शामिल कुछ लोग मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के करीबी हैं।
संगठन ने कहा कि वह जांच में कथित खामियों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा।
वामपंथी संगठन का यह प्रदर्शन सतीशन द्वारा हाल में मोहम्मद हुसैन और अब्दुल सलाम को व्यक्तिगत रूप से जानने की बात स्वीकार किए जाने के कुछ सप्ताह बाद हुआ। दोनों युवकों को कासरगोड के एमडीएमए मामले में गिरफ्तार किया गया है। सतीशन ने कहा था कि हुसैन युवा कांग्रेस का कार्यकर्ता था।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों से इनकार किया था कि हुसैन उनकी सोशल मीडिया टीम का हिस्सा था।
सतीशन ने कहा था कि इस मामले में हुसैन की कथित संलिप्तता की जानकारी स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को उसकी गिरफ्तारी के बाद चली।
भाषा प्रचेता रंजन
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