उत्तर प्रदेश में पहले आंगनबाड़ी का पोषाहार शराब माफिया संचालित करता था: मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश में पहले आंगनबाड़ी का पोषाहार शराब माफिया संचालित करता था: मुख्यमंत्री योगी
अयोध्या, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषाहार की व्यवस्था एक शराब माफिया के हाथों में थी और कोई उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता था।
योगी ने अयोध्या में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह तथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “आज से नौ वर्ष पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे, अव्यवस्था थी, सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाती थी और बदनामी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की होती थी।”
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “सपा ने प्रभु श्रीराम का विरोध किया था। अयोध्या में श्रीराम मंदिर न बने, इसके लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। राम भक्तों पर गोली चलाई गई थी। न्यायालय में अपने वकीलों की फौज राम मंदिर और भारत की सनातन आस्था के खिलाफ खड़ी कर दी थी।”
योगी ने सपा पर विरासत और विकास का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध के बावजूद अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन नहीं रुका, नहीं झुका और न ही डिगा।
उन्होंने कहा कि अंततः अयोध्या में प्रभु रामलला का प्रकटीकरण हुआ और भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे अयोध्या का विकास हो रहा है। योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा, “तत्कालीन सरकार में बेईमानी होती थी। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। उसकी पहुंच इतनी थी कि वह किसी भी व्यवस्था को प्रभावित करने की क्षमता रखता था और कोई उसके सामने बोलने की हिम्मत नहीं करता था।”
उन्होंने कहा, “इसके परिणामस्वरूप आंगनबाड़ी केंद्र अस्त-व्यस्त पड़े थे। समय पर पोषाहार नहीं मिलने की शिकायतें आती थीं और उसकी गुणवत्ता भी खराब थी। गलती कोई करता था और खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ता था। सरकार और माफिया मिलकर व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं की होती थी। उन्हें ही कटघरे में खड़ा होना पड़ता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाएं उसी तरह अपनी भूमिका निभा रही हैं, जैसे द्वापर युग में यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण का पालन-पोषण किया था।
योगी ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में आंगनबाड़ी केंद्रों में हुए बदलाव और सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, “पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 70 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वित्त आयोग के धन या अलग से बजट की व्यवस्था कर आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन बच्चों का बचपन व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “अगर बचपन सुरक्षित और स्वस्थ रहेगा तो यही स्वस्थ बचपन एक समर्थ और स्वस्थ भारत की संकल्पना को पूरा करेगा। स्वस्थ और समर्थ भारत ही प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करेगा। इसका आधार हमारे आंगनबाड़ी केंद्र बनने वाले हैं।”
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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