पूर्वी राज्यों ने वामपंथी उग्रवाद, संगठित अपराध के खिलाफ समन्वय मजबूत करने का संकल्प लिया
पूर्वी राज्यों ने वामपंथी उग्रवाद, संगठित अपराध के खिलाफ समन्वय मजबूत करने का संकल्प लिया
भुवनेश्वर, 21 जुलाई (भाषा) पूर्वी क्षेत्र के पांच राज्यों ने मंगलवार को संगठित अपराध, वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई), घुसपैठ और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय मजबूत करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल ने गृह मंत्रालय के तत्वावधान में यहां आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति (ईआरपीसीसी) की उच्च स्तरीय बैठक में इस पर सहमति जताई।
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में अन्य चार राज्यों के डीजीपी के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए खुरानिया ने कहा कि ऐसे सहयोगात्मक मंच परिचालन संबंधी तालमेल को मजबूत करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और वामपंथी उग्रवाद जैसी मौजूदा सुरक्षा चुनौतियां भौगोलिक सीमाओं से परे हैं और इनके लिए समन्वित, प्रौद्योगिकी आधारित तथा खुफिया जानकारी पर आधारित जवाबी कार्रवाई की आवश्यकता है।
खुरानिया ने कहा, “कोई भी राज्य अकेले इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना नहीं कर सकता। लगातार खुफिया जानकारी साझा करने, निर्बाध सूचना आदान-प्रदान, उन्नत प्रौद्योगिकी अपनाने और तेजी से परिष्कृत हो रहे आपराधिक तथा उग्रवादी नेटवर्क से निपटने के लिए राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता है।”
बैठक में शामिल अधिकारियों ने बताया कि चर्चा में रणनीतिक महत्व के कई मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश

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