निर्वाचन आयोग ने ‘जेन अल्फा’ और ‘जेन जी’ तक पहुंच के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किए
निर्वाचन आयोग ने ‘जेन अल्फा’ और ‘जेन जी’ तक पहुंच के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किए
नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) निर्वाचन आयोग ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘जेन अल्फा’ और ‘जेनरेशन जी’ तक पहुंच बनाने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किया है ताकि उन्हें जागरूक मतदाता बनाने के साथ भविष्य में लोगों को चुनावी प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करने वाले अभियानों का नेतृत्व करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।
वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को ‘जेन जी’ और वर्ष 2013-2025 के बीच जन्मे बच्चों को ‘जेन अल्फा’ कहा जाता है।
आयोग अपने नए अभियान के तहत देश की 4,123 विधानसभा सीटों में कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली विद्यार्थियों तथा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को लक्षित करेगा।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग में कुल 14.78 करोड़ लोग हैं, जिनमें 7.98 करोड़ पुरुष, 6.79 करोड़ महिलाएं और 9,000 तृतीय लिंग के लोग हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आयोग की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 के हिसाब से कुल 50,000 निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) स्थापित करने की है।
इसके लिए 15 लाख स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा 70,000 कॉलेजों और 1,400 विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाई जाएगी।
व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी (एसवीईईपी) कार्यक्रम के तहत 2018 में ईएलसी की स्थापना की गई थी। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
हालांकि, तेजी से बदलते संचार तंत्र, डिजिटल मंचों पर बढ़ती निर्भरता तथा युवा मतदाताओं और जमीनी स्तर के हितधारकों के साथ निरंतर, व्यवस्थित और प्रत्यक्ष संवाद की जरूरत को देखते हुए ईएलसी 2.0 में इन क्लबों को डिजिटल रूप से सक्षम और लगातार सक्रिय रहने वाले मंच के रूप में नए सिरे से तैयार किया गया है।
भाषा हक हक अविनाश
अविनाश

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