दिल्ली आबकारी नीति में ईडी की जांच विश्वसनीय सबूतों के साथ ‘स्वतंत्र’ रूप से की जा रही है : अधिकारी
दिल्ली आबकारी नीति में ईडी की जांच विश्वसनीय सबूतों के साथ 'स्वतंत्र' रूप से की जा रही है : अधिकारी
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले की उसकी जांच एक “स्वतंत्र” जांच है जो विश्वसनीय साक्ष्यों और विभिन्न बयानों पर आधारित है।
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को सीबीआई मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 19 अन्य लोगों को बरी कर दिया।
ईडी का 22 अगस्त, 2022 का मामला सीबीआई द्वारा 17 अगस्त, 2022 को दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं की जांच की गई थी। उस समय आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे।
यह एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत स्वतंत्र रूप से आपराधिक मामला दर्ज नहीं कर सकती है, और इसे पुलिस, सीबीआई या कानून में उल्लिखित किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी से शिकायत का संज्ञान लेना होगा।
विजय मदनलाल (2022) मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार, एक बार जब किसी आरोपी को अनुसूचित अपराध से बरी कर दिया जाता है, तो धन शोधन का अपराध स्वतः समाप्त हो जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी का तर्क है कि सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे मूल या प्राथमिक मामले के परिणामों की परवाह किए बिना, धन शोधन को एक अलग अपराध के रूप में माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एजेंसी द्वारा दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित आरोपपत्रों में प्रस्तुत साक्ष्य “विश्वसनीय” थे और सीबीआई के साक्ष्यों से भिन्न थे, और कथित अपराध की आय को शोधन और ठिकाने लगाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि अधीनस्थ अदालत ने अभी तक ईडी मामले के गुण-दोष पर फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वे जरूरत पड़ने पर अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि उच्चतम न्यायालय इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या धन शोधन के मामले को मूल अपराध से अलग किया जाना चाहिए या विजय मदनलाल मामले में परिभाषित वर्तमान फैसले को जारी रखा जाना चाहिए।
धन शोधन रोधी एजेंसी ने कुल आठ आरोपपत्र दायर किए, जिनमें 40 संस्थाओं के नाम शामिल हैं। एजेंसी ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया।
ईडी ने केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति घोटाले का “सरगना और प्रमुख साजिशकर्ता” बताया था। आरोप था कि उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्रियों, आम आदमी पार्टी के नेताओं और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” है।
भाषा प्रशांत मनीषा
मनीषा

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