जारकीहोली, उनकी बेटी के ठिकानों पर ईडी के छापे, कांग्रेस का विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप

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जारकीहोली, उनकी बेटी के ठिकानों पर ईडी के छापे, कांग्रेस का विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 12:37 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 12:37 PM IST

बेंगलुरु, नौ सितंबर (भाषा) कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को ‘धमकाने’ के लिए कर रही है।

हरिप्रसाद ने यह आरोप प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी, कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली के परिसरों की तलाशी लिए जाने के बाद लगाया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को एक नयी जांच के सिलसिले में कर्नाटक में करीब 18 परिसरों की तलाशी ली। बताया जा रहा है कि यह जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की जा रही है।

बेंगलुरु में 64 वर्षीय मंत्री से जुड़े परिसरों के अलावा उनकी बेटी प्रियंका और बेलगावी में उनके रिश्तेदार वाई.डी. मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों में भी तलाशी ली गई।

हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘भाजपा (राजग) सरकार के तहत प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीबीआई का इस्तेमाल विपक्षी दलों के नेताओं को धमकाने और फिर से उन्हें ‘वॉशिंग मशीन’ में डालने के लिए किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि जारकीहोली के खिलाफ हुई कार्रवाई से कांग्रेस को कोई आश्चर्य नहीं हुआ है।

हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय पहले ही ईडी को फटकार लगा चुका है, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने अभी तक कोई सबक नहीं लिया है।’’

चिक्कोडी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर की तलाशी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या सांसद के परिसर पर छापेमारी करने से पहले जांच एजेंसी ने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति ली थी। हरिप्रसाद ने यह भी सवाल किया कि मंजूनाथ के पिता और पूर्व भाजपा सांसद देवेंद्रप्पा के परिसरों की तलाशी क्यों नहीं ली गई।

उन्होंने जारकीहोली के भाइयों-रमेश जारकीहोली, बालचंद्र जारकीहोली और लक्ष्मण जारकीहोली (सभी भाजपा नेता) भी उल्लेख किया और कहा कि उनका संबंध भी मंजूनाथ से है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ मैं पूछता हूं कि उनके यहां छापेमारी क्यों नहीं की गई। आखिर सिर्फ उन्हें (सतीश जारकीहोली को) ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?’’

ईडी की तलाशी के दौरान सीआरपीएफ के जवानों की एक टुकड़ी सुरक्षा में तैनात रही।

मामले में अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा