ईडी ने भर्ती ‘घोटाला’ मामले में केपीएससी कार्यालय, पूर्व चेयरमैन के परिसरों पर छापा मारा

ईडी ने भर्ती ‘घोटाला’ मामले में केपीएससी कार्यालय, पूर्व चेयरमैन के परिसरों पर छापा मारा

ईडी ने भर्ती ‘घोटाला’ मामले में केपीएससी कार्यालय, पूर्व चेयरमैन के परिसरों पर छापा मारा
Modified Date: August 18, 2026 / 11:31 am IST
Published Date: August 18, 2026 11:31 am IST

बेंगलुरु, 18 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा ‘घोटाले’ के सिलसिले में मंगलवार को धन शोधन जांच के तहत कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के परिसर, इसके निलंबित चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस साहूकार, सदस्य शांता होसमानी और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर छापा मारा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य और गुजरात में लगभग 21 जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने इन कथित अनियमितताओं के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की।

जिन परिसरों की छापेमारी की जा रही है उनमें बेंगलुरु स्थित केपीएससी कार्यालय, केपीएससी के निलंबित चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और केपीएससी सदस्य शांता होसमनी के आवास, कुछ कथित बिचौलियों के परिसरों, परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी ‘एजुटेस्ट सॉल्यूशंस’ के कार्यालय तथा पशु चिकित्सा अधिकारियों के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के परिसर शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ये 21 परिसर कर्नाटक के बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और बेल्लारी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में स्थित हैं।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने बेंगलुरु पुलिस के विधान सौध थाने में दर्ज चार प्राथमिकियों का संज्ञान लिया है। इन प्राथमिकियों में पशु चिकित्सा अधिकारियों के अंतिम चयन में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत अभ्यर्थियों को फोन किया और चयन के लिए प्रति अभ्यर्थी 70 से 80 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।

अधिकारियों ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता ने इन बिचौलियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी है।

उन्होंने कहा कि ईडी की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने, ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों के अंतिम चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है

अपनी दो बेटियों की औद्योगिक विस्तार अधिकारियों के पद पर अवैध नियुक्ति में मदद करने के आरोप में साहूकार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने जुलाई में निलंबित कर दिया था।

भाषा सुरभि नेत्रपाल

नेत्रपाल


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