अनुसूचित जनजाति का ‘सबसे बड़ा’ नेता होने के कारण मंत्री जारकीहोली को निशाना बना रही ईडी:सुरजेवाला

अनुसूचित जनजाति का ‘सबसे बड़ा’ नेता होने के कारण मंत्री जारकीहोली को निशाना बना रही ईडी:सुरजेवाला

अनुसूचित जनजाति का ‘सबसे बड़ा’ नेता होने के कारण मंत्री जारकीहोली को निशाना बना रही ईडी:सुरजेवाला
Modified Date: September 16, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: September 16, 2026 4:53 pm IST

बेंगलुरु, 16 सितंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि वह राज्य के अनुसूचित जनजाति (एसटी) और गरीब समुदायों के ‘सबसे बड़े नेता’ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके साथ एकजुट होकर खड़ी है।

राज्यसभा सदस्य सुरजेवाला ने कर्नाटक में आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को दो अंतरों तक सीमित रखने के राज्य की कांग्रेस सरकार के फैसले का भी बचाव किया।

सुरजेवाला ने राज्य के मंत्री से जुड़ी प्रवर्तन निदेशालय की हालिया तलाशी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को परेशान करने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की बात (खासकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के नेताओं के प्रति भाजपा के प्रतिशोधपूर्ण रवैये की बात) अब पुरानी पड़ चुकी है। केंद्र की भाजपा सरकार ने अब दूसरी बार सतीश जारकीहोली को निशाना बनाया है। राज्य के भाजपा नेता जारकीहोली के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखते हैं और दिल्ली में अपने आकाओं से उनके यहां छापेमारी करने के लिए कहते हैं, क्योंकि वह राज्य में अनुसुचित जनजाति के सबसे बड़े नेता और गरीब समुदायों के नेता हैं तथा उन्हें राज्य के बाहर पड़ोसी राज्यों में भी पहचाना मिली है।’’

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राज्य में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार समेत कांग्रेस के कई नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई का जिक्र किया।

सुरजेवाला ने कहा, ‘सूची देखिए। इनमें से अधिकतर नेता या तो एससी/एसटी, ओबीसी समुदाय से हैं या किसानों के बेटे हैं। भाजपा सोचती है कि वह हमें डरा सकती है, हमें झुका सकती है। वह गलतफहमी में है। कर्नाटक में भाजपा निराश और बंटी हुई है तथा आपसी संघर्ष में उलझी है। वह हमारे ‘अहिंदा’ (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित) नेताओं को निशाना बना रही है। हम न तो पीछे हटेंगे और न ही डरेंगे। पूरी पार्टी सतीश जारकीहोली और अपने सभी नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है’

आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को दो अंतरों तक सीमित रखने के राज्य सरकार के फैसले का बचाव करते हुए सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर भाजपा और उसके नेताओं पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से जो लोग कभी स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल नहीं हुए, जिन्हें वंदे मातरम् का इतिहास नहीं पता, जो रवींद्रनाथ टैगोर, सरदार वल्लभभाई पटेल, गांधीजी, नेहरू और सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करते हैं, वे अब इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। क्या (प्रदेश भाजपा अध्यक्ष) विजयेंद्र को यह भी पता है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार ‘वंदे मातरम्’ कब गाया था?’

सुरजेवाला ने कहा कि वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने का फैसला सबसे पहले टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, पटेल, महात्मा गांधी और नेहरू जैसे नेताओं ने किया था और यह जारी रहा।

भाषा

शुभम संतोष

संतोष


लेखक के बारे में