जारकीहोली के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित: मुख्यमंत्री शिवकुमार
जारकीहोली के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित: मुख्यमंत्री शिवकुमार
(फोटो के साथ)
बेंगलुरु, नौ सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को ‘‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’’ करार दिया है।
शिवकुमार ने सवाल किया कि राज्य में उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरे होने से एक दिन पहले ही यह कार्रवाई क्यों की गई?
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि वह जारकीहोली के साथ खड़े हैं और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने अपने सभी मंत्रियों और पार्टी विधायकों को केंद्रीय एजेंसियों की संभावित कार्रवाई को लेकर पहले ही सतर्क कर दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार और पार्टी को ‘‘निशाना बनाया जा रहा है।’’
अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के तहत सतीश जारकीहोली, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली और कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में करीब 18 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। इनमें बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी इलाके में 64 वर्षीय मंत्री जारकीहोली से जुड़े ठिकाने, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली और बेलगावी में उनके रिश्तेदार वाई. डी. मंजूनाथ से जुड़े परिसर शामिल हैं।
शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सतीश जारकीहोली और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर ईडी की कार्रवाई ऐसी नहीं है, जिसकी हमें जानकारी नहीं थी। इससे पहले भी उनके परिवार के सदस्यों के यहां छापे पड़े हैं। मुझे उनके परिवार के अन्य सदस्यों और करीबी सहयोगियों के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन जारकीहोली एक वरिष्ठ मंत्री हैं, उनके कारोबार हैं, वह राजनीति में हैं और सामाजिक सेवा से जुड़े हैं।’’
उन्होंने कहा कि जारकीहोली ने कानून के दायरे में रहकर कारोबारी लेन-देन किए हैं और उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह (जारकीहोली) जांच में सहयोग कर रहे हैं और एजेंसी द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देंगे। चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन कार्रवाई का समय दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग कर रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री नागेंद्र के मामले में भी ऐसा ही किया गया था और जारकीहोली के खिलाफ कार्रवाई भी राजनीतिक उद्देश्य से की गई है क्योंकि सरकार कल अपने 100 दिन पूरे कर रही है।
शिवकुमार ने कहा कि सरकार जनता को अपने 100 दिन के कामकाज की जानकारी देने की तैयारी कर रही थी और इस समय कार्रवाई करके लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे कई अन्य कदम उठा सकते हैं और ऐसा कर भी सकते हैं। यह कार्रवाई दूसरों के खिलाफ भी हो सकती है। मैंने अपने मंत्रियों को पहले ही सतर्क कर दिया है। वे किसी को नहीं छोड़ेंगे। झूठे विमर्श तैयार किए जाते हैं, झूठे आरोप लगाए जाते हैं और लोगों को गुमराह किया जाता है।’’
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी जारकीहोली के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं 100 प्रतिशत उनके साथ खड़ा रहूंगा। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, मुझे पता है। उनके कारोबार हैं और वह अधिकारियों के सवालों का जवाब देंगे।’’
शिवकुमार ने जारकीहोली को कारोबारी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमुख नेता बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत और कांग्रेस में सबसे अधिक निर्वाचित एसटी नेताओं की मौजूदगी को पचा नहीं पा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे भी ईडी ने जेल भेजा था, लेकिन क्या हुआ? आज मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं और सभी को इस तथ्य को स्वीकार करना पड़ा। जारकीहोली राज्य और पार्टी के मजबूत नेता हैं और इसे पचा नहीं पाने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्हें जांच करने दीजिए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कथित ‘‘शुद्धीकरण’’ विवाद पर बोलने के लिए मामला दर्ज किया गया है।
शिवकुमार ने केंद्र की सत्तारूढ़ व्यवस्था पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के नेताओं को ‘‘खत्म करने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन को लेकर पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र और कांग्रेस सरकार पर भाजपा के हमले का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जांच कराने वाले हम ही थे। हमने ही कहा था कि बैंक अधिकारियों ने गलती की है। तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा था कि इसमें 84 करोड़ रुपये शामिल थे, जिसमें से 79 करोड़ रुपये पहले ही वापस मिल चुके हैं। पांच करोड़ रुपये बाकी हैं। ईडी या सीबीआई एक रुपया भी बरामद नहीं कर पाई।’’
उन्होंने कहा कि आरोपों के बाद नागेंद्र ने स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
शिवकुमार ने विपक्ष पर बिदादी टाउनशिप और नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज (एनआईसीई) रोड परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
भाषा रवि कांत नरेश
नरेश

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