शिक्षा माफिया पुस्तकों के संबंध में सरकारी निर्देश को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा: कानूनगो

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शिक्षा माफिया पुस्तकों के संबंध में सरकारी निर्देश को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा: कानूनगो

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 10:54 PM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 10:54 PM IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मंगलवार को आरोप लगाया कि “शिक्षा माफिया” सस्ती पुस्तकों के संबंध में सरकार के निर्देश को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के हित में यह लड़ाई जारी रहेगी।

कानूनगो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में बताया कि उन्होंने राज्यों को निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के बजाय एनसीईआरटी और एससीईआरटी की सस्ती किताबों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह कदम मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत मिली शक्तियों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के दायरे में उठाया गया है।

कानूनगो ने आरोप लगाया कि “शिक्षा माफिया” ‘साम, दाम, दंड, भेद’ की नीति अपनाकर उनके आदेश को रुकवाने या पलटने का दबाव बना रहा है, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, “हम भारत के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे, क्योंकि यह देश हमारा है।”

खबरों के अनुसार, आयोग ने पूर्व में शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया था।

यह कार्रवाई नमो फाउंडेशन की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि स्कूल छात्रों और अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

भाषा राखी आशीष

आशीष