दक्षता बढ़ाने वाली रणनीतियों से वैश्विक विमानन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत की कमी की जा सकती है: अध्ययन

दक्षता बढ़ाने वाली रणनीतियों से वैश्विक विमानन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत की कमी की जा सकती है: अध्ययन

दक्षता बढ़ाने वाली रणनीतियों से वैश्विक विमानन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत की कमी की जा सकती है: अध्ययन
Modified Date: January 7, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: January 7, 2026 7:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) एक अध्ययन के अनुसार, वैश्विक विमानन से होने वाले उत्सर्जन को तीन रणनीतियों के जरिये 50 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है। इनमें सबसे कम ईंधन खपत करने वाले विमानों का परिचालन, सभी सीट इकोनॉमी श्रेणी की रखना और सीट के मुताबिक यात्रियों की अधिकतम संख्या शामिल हैं।

‘कम्युनिकेशंस अर्थ एंड एनवायरनमेंट’ पत्रिका में प्रकाशित विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि एयरलाइंस के पास पहले से उपलब्ध कम ईंधन की खपत करने वाले विमानों को उन मार्गों पर अधिक रणनीतिक रूप से परिचालित कर विमानन उत्सर्जन में 11 प्रतिशत की तत्काल कमी हासिल की जा सकती है, जिन पर वे पहले से ही उड़ानों का परिचालन कर रही हैं।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सह-लेखक मिलान क्लोवर ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन के नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि दक्षता-केंद्रित नीति से उड़ानों की संख्या घटाये बिना या भविष्य के ईंधनों की प्रतीक्षा किए बिना विमानन उत्सर्जन को 50 प्रतिशत से अधिक तेजी से कम किया जा सकता है। ये ऐसे उपाय हैं जिनका उपयोग हम अभी कर सकते हैं।’’

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शोधकर्ताओं ने 2023 के 2.7 करोड़ से अधिक वाणिज्यिक उड़ानों का विश्लेषण किया, जिसमें 26,000 शहरों के बीच की यात्राएं और लगभग 3.5 अरब यात्री शामिल थे।

अध्ययन में यह पाया गया कि वैश्विक स्तर पर, 2023 में प्रत्येक यात्री के लिए प्रति किलोमीटर औसतन 84.4 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का विमानन उत्सर्जन हुआ, जबकि कुछ हवाई मार्गों पर प्रति यात्री प्रति किमी 900 ग्राम तक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ, जो कम ईंधन की खपत वाले मार्गों की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।

विमान के मॉडल के संबंध में भी महत्वपूर्ण अंतर पाया गया, जिसके अनुसार प्रत्येक यात्री के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन प्रति किमी 60 से 360 ग्राम के बीच था।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इकोनॉमी श्रेणी की सीटों की तुलना में बिजनेस और फर्स्ट क्लास की सीटों से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन पांच गुना अधिक होता है।

अध्ययन दल ने कहा कि यात्रियों की संख्या को सीट की संख्या तक बढ़ाने से उत्सर्जन में 22 से 57 प्रतिशत की कमी आएगी।

विश्लेषण में पाया गया कि 2023 में, एक विमान में यात्रियों की संख्या 20 से 100 प्रतिशत के बीच थी, जिसका औसत 79 प्रतिशत था। यह सुझाव दिया गया है कि यात्रियों की संख्या को 95 प्रतिशत तक समायोजित करने से उत्सर्जन में 16 प्रतिशत की और कमी आएगी।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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