जम्मू, 30 सितंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दूर-दराज के एक गांव में बुधवार को लगी भीषण आग में कम से कम आठ मकान और कुछ गोशालाएं जलकर खाक हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि वारवान के मुंगली गांव में मध्यरात्रि के बाद एक घर में आग लग गई जो तेजी से आस-पास के घरों तक फैल गई। स्थानीय लोगों ने आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने खुदाई के काम में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीन ‘अर्थ मूवर’ का इस्तेमाल कर प्रभावित घरों के कुड हिस्सों को गिराया और अवरोधक तैयार किया ताकि आग आगे और नहीं फैल सके।
उन्होंने बताया कि वारवान इलाके में कोई दमकल केंद्र नहीं है इसलिए दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया और तड़के करीब चार बजे आग पर काबू पाया गया। घटनास्थल के कुछ हिस्सों में धुआं उठने के कारण प्रभावित क्षेत्र की निगरानी जारी रही।
आग में कुछ मवेशी भी मारे गए।
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने नुकसान और राहत की जरूरतों का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही, जिला मुख्यालय से राहत सामग्री ले जाने के लिए एक वाहन की व्यवस्था की जा रही है।
सुदूरवर्ती वारवान इलाके में सर्दियों के महीनों में आग लगने की घटनाएं आम हैं क्योंकि निवासी पारंपरिक रूप से मवेशियों के लिए बड़ी मात्रा में सूखी घास और अन्य चारा जमा करते हैं।
अधिकारियों ने निवासियों को बार-बार सलाह दी है कि वे रिहायशी इमारतों के अंदर या उनके पास सूखी घास जमा करने से बचें क्योंकि आग लगने की स्थिति में यह आग को तेजी से फैला सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी और धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से भी सलाह जारी की गई है जिसमें निवासियों से सूखा चारा जमा करते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
भाषा सुरभि वैभव
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