नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा। इससे घरेलू कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा। व्यापार संवर्धन निकाय टीपीसीआई ने बुधवार को यह बात कही।
भारत व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने कहा कि समझौते के तहत प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, मसालों, सीजनिंग, कन्फेक्शनरी, बेकरी उत्पादों, पैकेड अनाज, सॉस, फलों के रस और प्रसंस्कृत सब्जियों पर शुल्क समझौते के लागू होने के पहले दिन ही पांच प्रतिशत तक से घटकर शून्य हो जाएगा।
टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा, ‘‘सभी उत्पाद श्रेणियों में तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच सुनिश्चित होने से भारतीय निर्यातकों, खासकर खाद्य प्रसंस्करण तथा कपड़ा क्षेत्र के निर्यातकों को ओशिनिया में बेजोड़ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल होगी।’’
ओशिनिया प्रशांत महासागर और उसके आसपास फैले द्वीपों और ऑस्ट्रेलिया का एक भौगोलिक क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि परिषद सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और कृषि-खाद्य कारोबारों को इन शुल्क रियायतों का लाभ उठाने, तकनीकी मानकों को पूरा करने और न्यूजीलैंड में खरीदारों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने में सहायता करेगी।
उन्होंने कहा कि शुल्क-मुक्त पहुंच से भारत के मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखलाओं में शामिल होने की महत्वपूर्ण संभावनाएं खुलेंगी।
टीपीसीआई ने कहा कि व्यापार से अधिकतम लाभ हासिल करने के लिए वह विशेष निर्यातक जागरूकता सत्र और कृषि-खाद्य प्रसंस्करण तथा एमएसएमई विनिर्माण समूहों पर केंद्रित लक्षित खरीदार-विक्रेता बैठकें आयोजित करेगा।
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