(Post Office MIS Scheme/ Image Credit: IBC24 News)
बिजनेस: Post Office MIS Scheme: अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह निवेश करके नियमित और अच्छी आमदनी करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) एक बेहतर (Post Office MIS Scheme) विकल्प साबित हो सकती है। इसमें एकमुश्त रकम जमा करके हर महीने ब्याज से बड़ी आय हासिल की जा सकती है। जिममें पति-पत्नी साथ में मिलकर खाता खोलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में।
पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम्स को सरकारी समर्थन प्राप्त है। MIS में फिलहाल 7.4% सालाना ब्याज दर (Post Office MIS Interest Rate) बताई गई है। इस योजना की अवधि 5 साल होती है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति इसमें खाता खोल सकता है। इसमें सिंगल और ज्वाइंट दोनों तरह के अकाउंट की सुविधा उपलब्ध है।
पोस्ट ऑफिस MIS में निवेश की शुरुआत 1,000 रुपये से की जा सकती है। खाता खुलवाने के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है। यह एकमुश्त निवेश वाली योजना है। इसमें जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज नियमित अंतराल पर लिया जा सकता है। ब्याज का भुगतान नियमों के अनुसार मासिक आधार पर किया जाता है।
MIS में सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम 9 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। वहीं, ज्वाइंट अकाउंट (Post Office MIS Scheme) में अधिकतम 15 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। पति-पत्नी ज्वाइंट अकाउंट खोलकर इस सीमा तक निवेश कर सकते हैं। लेकिन शर्त यह है कि पति और पत्नी दोनों की निवेश में हिस्सेदारी बराबर होनी चाहिए।
अगर ज्वाइंट अकाउंट में 15 लाख रुपये जमा किए जाएं और 7.4% सालाना ब्याज दर लागू हो, तो सालाना ब्याज 1,11,000 रुपये होगा। इसे 12 महीनों में बांटने पर करीब 9,250 रुपये प्रति माह की ब्याज आय बनती है। इस तरह निवेशक नियमित आमदनी हासिल कर सकता है। ध्यान रहे कि निवेशक ब्याज से होने वाली इस कमाई को तिमाही, छमाही या सालाना भी ले सकते हैं।
MIS अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले बंद करने पर निर्धारित नियम लागू होते हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, 1 से 3 साल के भीतर खाता बंद करने पर जमा रकम पर 2% और 3 से 5 साल के बीच बंद करने पर 1% की कटौती हो सकती है। खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाता बंद कर राशि नामित व्यक्ति को दी जाती है।