बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़), 14 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पिछले चार महीनों के दौरान आठ पुरुषों की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इन लोगों को शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर दिया गया था। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच के तहत शनिवार को एक मृत व्यक्ति के शव को कब्र से बाहर निकाला गया।
पुलिस के अनुसार, ये मौतें चालू वर्ष में फरवरी से मई के बीच कसडोल थाना क्षेत्र के खारवे गांव में हुईं।
कसडोल के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने पिछले सप्ताह एक शिकायत सौंपी थी, जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई।
वासनिक ने कहा कि जांच और पूछताछ के दौरान इन मौतों को लेकर कुछ संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है, जिसके बाद आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच के हिस्से के रूप में एक पीड़ित मेहतारू साहू के शव को शनिवार को कब्र से बाहर निकाला गया, जिसकी 14 मई को मौत हो गई थी। शव को फॉरेंसिक और विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजिकल) परीक्षण के लिए भेजा गया है।
अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में मौत के बाद चिकित्सकों ने साहू के परिवार को पोस्टमॉर्टम कराने की सलाह दी थी।
हालांकि, उस समय परिवार ने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि उन्हें मौत के कारण पर कोई संदेह नहीं है और उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया था।
वासनिक ने कहा, ‘फॉरेंसिक और विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) रिपोर्ट से मौत के सटीक कारण का पता लगाने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
भाषा सुमित दिलीप
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