निर्वाचन आयोग ने पांच विस चुनाव से पहले चुनाव कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की

निर्वाचन आयोग ने पांच विस चुनाव से पहले चुनाव कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की

निर्वाचन आयोग ने पांच विस चुनाव से पहले चुनाव कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की
Modified Date: March 25, 2026 / 07:30 pm IST
Published Date: March 25, 2026 7:30 pm IST

कोलकाता, 25 मार्च (भाषा) निर्वाचन आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों, मतगणना कर्मियों, पर्यवेक्षकों और चुनाव संचालन से जुड़े अन्य अधिकारियों के मानदेय में वृद्धि कर दी है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि मानदेय ढांचे में संशोधन का उद्देश्य चुनावों के दौरान लंबे और कठिन घंटों तक काम करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त पारितोषिक सुनिश्चित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभा के लिए अगले महीने चुनाव होंगे।

अधिकारी ने बताया कि पीठासीन अधिकारियों का दैनिक भत्ता पहले के 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है, यानी इस कार्य के लिए उन्हें कुल 2,000 रुपये मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि अब मतदान अधिकारियों को पहले के 250 रुपये के बजाय प्रतिदिन 400 रुपये, या फिर एकमुश्त 1,600 रुपये मिलेंगे।

अधिकारी ने बताया कि मतगणना में मदद करने वालों के लिए दैनिक भत्ता 250 रुपये से बढ़कर 450 रुपये कर दिया गया है, यानी उन्हें एक बार में कुल 1,350 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर सीधे तौर पर काम करने वाले चौथे श्रेणी के कर्मचारियों को अब रोज़ाना 200 रुपये के बजाय 350 रुपये मिलेंगे, यानी उन्हें एक बार में 1,400 रुपये का भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इसी श्रेणी के कॉल सेंटर या नियंत्रण कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों को 1,000 रुपये का एकमुश्त भत्ता मिलेगा, जो पहले 200 रुपये प्रतिदिन था।

अधिकारी ने बताया कि मानदेय में वृद्धि का लाभ वीडियो निगरानी, लेखांकन, कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर कर्मियों जैसी सहायक टीम को भी मिलेगा।

उन्होंने बताया, ‘‘ प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए, एकमुश्त पारिश्रमिक 1,200 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये हो गया है। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए, यह राशि अब 1,000 रुपये के बजाय 2,000 रुपये होगी।’’

अधिकारी ने बताया कि पर्यवेक्षकों को अब एकमुश्त भुगतान के तौर पर 2,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले 1,000 रुपये थे।

उन्होंने कहा कि मतदान कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, सचल दलों और होम गार्ड के लिए दैनिक टिफिन भत्ता भी 150 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।

अधिकारी ने बताया, ‘‘चुनाव ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी (डीडीईओ) को अब मानदेय के तौर पर कम से कम एक महीने का मूल वेतन मिलेगा, जबकि सीएपीएफ के राजपत्रित अधिकारियों और विभिन्न स्तरों के निरीक्षकों के भत्तों में, ड्यूटी की अवधि के आधार पर बढ़ोतरी होगी।’’

उन्होंने बताया कि केंद्रीय शस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) राजपत्रित अधिकारियों को 15 दिनों तक सेवा देने पर अब 2,500 रुपये के बजाय 4,000 रुपये मिलेंगे और इस अवधि से अधिक सेवा देने पर अब 1,250 रुपये के बजाय 2,000 रुपये प्रति सप्ताह की दर से भुगतान किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और उनके समकक्ष कर्मचारियों को 15 दिनों तक की चुनाव ड्यूटी के लिए 3,000 रुपये और इससे अधिक की अवधि के लिए 1500 रुपये प्रति हफ्ते की दर से मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले यह दरें क्रमश: 2,000 रुपये और 1,000 रुपये थीं।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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