एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग कर रहा भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के मोबाइल ऐप का अवैध इस्तेमाल: ममता बनर्जी

एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग कर रहा भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के मोबाइल ऐप का अवैध इस्तेमाल: ममता बनर्जी

एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग कर रहा भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के मोबाइल ऐप का अवैध इस्तेमाल: ममता बनर्जी
Modified Date: January 6, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: January 6, 2026 7:10 pm IST

(तस्वीर के साथ)

गंगासागर, छह जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग राज्य में जारी एसआईआर कवायद को संचालित करने के लिए भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का अवैध उपयोग कर रहा है।

वहीं, भाजपा ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह निराधार और राजनीति से प्रेरित है।

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दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपने दो दिवसीय दौरे के समापन से पहले बनर्जी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ‘‘हर तरह के गलत हथकंडे अपना’’ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग एसआईआर कराने के लिए हर तरह के गलत हथकंडे अपना रहा है। यह पात्र मतदाताओं को ‘मृत’ घोषित कर रहा है और बुजुर्गों, बीमारों तथा अस्वस्थ लोगों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके लिए वह भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। यह गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह अब और नहीं चल सकता।’’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह आरोप उस दिन लगाया जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि चुनाव निकाय ने पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर के लिए ‘‘मनमानी और प्रक्रियात्मक रूप से अनियमित कार्रवाइयों’’ का सहारा लिया है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य में ‘‘योग्य और वास्तविक मतदाताओं के लिए काफी कठिनाइयां पैदा कर दी हैं’’, विशेष रूप से बुजुर्ग मतदाताओं, बीमार लोगों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए।

बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करती हूं कि वे एसआईआर में भाग लेते समय सावधानी बरतें। उन्हें जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है; केवल उन लोगों का समर्थन करें जो इस कवायद के कारण परेशानी में हैं।’’

तृणमूल प्रमुख ने दावा किया कि सत्यापन प्रक्रिया के तहत बिस्तर पर पड़े बुजुर्ग नागरिकों को भी अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग के साथ अपने टकराव को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्य में एसआईआर के दौरान किए गए ‘‘अमानवीय’’ आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी।

उन्होंने कहा था कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

बनर्जी के इस आरोप पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की कि निर्वाचन आयोग एसआईआर की कवायद में भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये ‘‘निराधार’’ होने के साथ ही राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एसआईआर निर्वाचन आयोग द्वारा नजर रखे जाने वाली एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और यह मतदाता सूचियों की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। तृणमूल कांग्रेस इसलिए नाराज है क्योंकि उसे आशंका है कि घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं का उसका वोट बैंक बेनकाब हो जाएगा।’’

भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनाव से पहले मतदाताओं के बीच अनावश्यक दहशत पैदा करने का आरोप लगाया है।

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होना है।

भाषा नेत्रपाल अविनाश

अविनाश


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