निर्वाचन आयोग बंगाल में 77 बूथ पर पुनर्मतदान की मांग के संबंध में कर रहा विचार
निर्वाचन आयोग बंगाल में 77 बूथ पर पुनर्मतदान की मांग के संबंध में कर रहा विचार
कोलकाता, 30 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के चुनाव के बाद दक्षिण 24 परगना जिले की चार विधानसभा सीटों के 77 बूथ पर पुनर्मतदान की मांग के संबंध में सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग को पुनर्मतदान के लिए कुल 32 शिकायतें फाल्टा से मिलीं, इसके बाद डायमंड हार्बर से 29, मगरहाट से 13 और बज बज से तीन शिकायतें प्राप्त हुईं।
आम तौर पर राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मतदान एजेंट या पर्यवेक्षक भी इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खराबी, बूथ पर कब्जा, धमकी या मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन जैसी विशिष्ट अनियमितताओं का हवाला देते हुए पुनर्मतदान की मांग करते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘बुधवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सामने आई शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़, मशीनों पर संदिग्ध पदार्थों के इस्तेमाल और निगरानी कैमरों को बाधित करने के प्रयासों के आरोप शामिल हैं। शिकायतों की संख्या और प्रकृति को देखते हुए, आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।’’
अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को पुनर्मतदान पर किसी भी अंतिम निर्णय से पहले मौके का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
गुप्ता वर्तमान में कई मतदान केंद्रों पर संभावित पुनर्मतदान के संबंध में निर्णय लेने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं, और साथ ही वह अन्य पर्यवेक्षकों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।
गुप्ता के निरीक्षण के बाद आयोग पुनर्मतदान पर अंतिम निर्णय लेगा। अधिकारियों ने बताया कि यदि आवश्यक हुआ तो प्रभावित मतदान केंद्रों पर शुक्रवार को ही पुनर्मतदान कराया जा सकता है।
एक विशेष रूप से गंभीर आरोप डायमंड हार्बर क्षेत्र के मगरहाट पश्चिम से सामने आया है, जहां दावा किया गया कि मतदाताओं के वोटिंग पसंद पर नजर रखने के लिए उनकी शर्ट की जेबों में जासूसी कैमरे लगाए गए थे।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘निर्देश स्पष्ट हैं। किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले सभी परिस्थितियों का जमीनी स्तर पर आकलन किया जाए।’’
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश

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