निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्र के नियमों को सख्त किया
निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्र के नियमों को सख्त किया
कोलकाता, आठ अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्र मतदान प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें सुविधा केंद्रों और डाक मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती और पर्यवेक्षकों की सख्त निगरानी अनिवार्य की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए एक पत्र में आयोग ने कहा कि ये उपाय चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत अनुपस्थित मतदाताओं से जुड़े नियमों के ”सख्त अनुपालन” को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं।
चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 18ए का हवाला देते हुए आयोग ने दोहराया कि ‘चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाता अपने डाक मतपत्र को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा निर्दिष्ट सुविधा केंद्र पर प्राप्त करेंगे, दर्ज करेंगे और वापस करेंगे।’
इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे मतदाता ‘सुविधा केंद्रों (एफसी) पर ही अपना वोट डालेंगे, किसी अन्य तरीके से नहीं,’ और यह भी कहा गया कि प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए ये केंद्र प्रशिक्षण स्थलों और रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में स्थापित किए गए हैं।
आयोग ने 6 अप्रैल दिनांकित पत्र में निर्देश दिया कि एफसी (सुविधा केंद्र) और पीवीसी (डाक मतदान केंद्र) के प्रत्येक मतदान बूथ पर कम से कम एक समूह ‘बी’ स्तर के अधिकारी को माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया जाए। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया कि पर्यवेक्षक मतदान के दिन प्रत्येक केंद्र का ”कम से कम तीन बार” दौरा करें।
पत्र में कहा गया है, ‘पर्यवेक्षक और सूक्ष्म पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया सही ढंग से हो रही है’ और साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना तुरंत दी जानी चाहिए।
पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा कराने संबंधी हालिया निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती का आदेश दिया है, जिसमें प्रत्येक केंद्र के प्रवेश द्वार पर ‘कम से कम आधा सेक्शन’ तैनात किया जाएगा।
दिशा-निर्देशों में कहा गया है, ‘प्रवेश पर सख्त नियंत्रण बनाए रखा जाएगा और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।’
एक महत्वपूर्ण कदम के तहत मतदान की गोपनीयता से समझौता किए बिना मतदान प्रक्रिया को रिकॉर्ड करने के लिए एफसी और पीवीसी के अंतर्गत प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को लाइव फीड के माध्यम से प्रक्रिया की निगरानी करने और ‘किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने’ के लिए कहा गया है, जबकि रिकॉर्डिंग को मौजूदा मानदंडों के अनुसार संरक्षित किया जाना चाहिए।
भाषा
शुभम पवनेश
पवनेश

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