एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह : कांग्रेस

एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह : कांग्रेस

एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह : कांग्रेस
Modified Date: October 27, 2025 / 06:37 pm IST
Published Date: October 27, 2025 6:37 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कई सवालों के जवाब नहीं मिलने और कथित ‘वोट चोरी’ के मामले को देखते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करावाए जाने से विपक्ष और जनता संतुष्ट नहीं हैं तथा निर्वाचन आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि बिहार में एसआईआर से निर्वाचन आयोग और भाजपा की नीयत पूरे देश के सामने आ चुकी है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद शुरू होगी।

दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर कराया जाएगा।

खेड़ा ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘आज निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों में एसआईआर की घोषणा की। अभी तक बिहार में हुए एसआईआर से जुड़े सवालों के जवाब हमें नहीं मिले हैं। हालात ये थे कि एसआईआर को दुरुस्त करने के लिए उच्चतम न्यायालय को आगे आना पड़ा।’’

उनका कहना था कि बिहार के एसआईआर से निर्वाचन आयोग और भाजपा की नीयत पूरे देश के सामने आ चुकी है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जब भी एसआईआर होता है, तो निर्वाचन आयोग के कर्मचारी हर घर जाते हैं, नए वोटरों को जोड़ते हैं और जिन्हें हटाना होता है, उन्हें हटाते हैं। राहुल गांधी जी द्वारा आलंद विधानसभा क्षेत्र (कर्नाटक) में ‘वोट चोरी’ का खुलासा किए जाने बाद एसआईटी ने बताया है कि मतदाता सूची से नाम काटने का एक केंद्रीकृत अभियान चलाया जा रहा था।’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘इन सारे मामलों के बीच ऐसे आयोग द्वारा एसआईआर करवाना संदेह के घेरे में है, जिसकी नीयत, मंशा और विश्वसनीयता पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। जाहिर सी बात है कि विपक्ष और वोटर, दोनों ही संतुष्ट नहीं हैं।’’

भाषा हक

हक रंजन

रंजन


लेखक के बारे में