आपातकाल ने लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचलने की कोशिश की थी: हिमंत

आपातकाल ने लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचलने की कोशिश की थी: हिमंत

आपातकाल ने लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचलने की कोशिश की थी: हिमंत
Modified Date: June 25, 2026 / 01:17 pm IST
Published Date: June 25, 2026 1:17 pm IST

गुवाहाटी, 25 जून (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि 1975 में लगाया गया आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रता को कुचलने का एक प्रयास था।

आपातकाल को याद करते हुए शर्मा ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी “वीर योद्धाओं” को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘हम भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय को याद करते हैं, जब 1975 में आपातकाल लगाया गया था और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास किया गया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी वीर योद्धाओं को विनम्र नमन।’’

आपातकाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लागू रहा, जिसे संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत घोषित किया गया था।

2025 से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है।

इस संबंध में जारी एक राजपत्र अधिसूचना में कहा गया कि 25 जून 1975 को आपातकाल घोषित किया गया था और इसके बाद तत्कालीन सरकार द्वारा “शक्ति का गंभीर दुरुपयोग” किया गया, जिसके दौरान लोगों को ज्यादतियों और अत्याचारों का सामना करना पड़ा।

भाषा तान्या रंजन

रंजन


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