Ram Mandir Donation Controversy: आखिर कहां गई 200 चांदी की ईंटें? राम मंदिर दान पर नया विवाद, इस समाज के लोगों ने मांगा जवाब

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच सिंधी समाज ने 200 चांदी की ईंटों का हिसाब मांगा है।

Ram Mandir Donation Controversy: आखिर कहां गई 200 चांदी की ईंटें? राम मंदिर दान पर नया विवाद, इस समाज के लोगों ने मांगा जवाब

Ram Mandir Donation ControversyPhoto Credit: AI Image

Modified Date: June 25, 2026 / 12:04 pm IST
Published Date: June 25, 2026 12:02 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सिंधी समाज ने राम मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 200 चांदी की ईंटों की जानकारी मांगी है
  • संगठन का दावा है कि ईंटें 2021 में सौंपी गई थीं, लेकिन आज तक कोई आधिकारिक रसीद नहीं मिली
  • वर्तमान कीमत के हिसाब से इन चांदी की ईंटों का मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है

अयोध्या। Ram Mandir Donation Controversy: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे (Ram Mandir Donation) को लगातार विवाद बढ़ता ही जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण को छह दिनों तक खंगालने के बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी। इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन इस बीच राम मंदिर दान में गड़बड़ियों की खबरों के बीच सिंधी समुदाय ने उन 200 चांदी की ईंटों (Ram Mandir Silver Bricks) की जानकारी मांगी है, जिसे 2021 में मंदिर निर्माण के लिए दान की थी।

कितनी है एक ईंट की कीमत?

Ram Mandir Donation Controversy सिंधी समाज ने कुछ फोटो जारी की हैं, जिसमें वह राम मंदिर निर्माण के लिए 200 KG चांदी की ईंटें चंपत राय को सौंपते हुए दिख रहे हैं। चंदा चोरी की खबरों के बीच सिंधी समाज अब यह पूछ रहा है कि ईंटें कहां गईं? सिंधी समाज ने कहा कि उस समय 200 ईंटें की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए थी। आज की तारीख में उसकी कीमत पांच करोड़ रुपए हैं। संगठन ने कहा कि चांदी की ईंटें राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय को सौंपी गई थीं लेकिन इसके लिए कोई आधिकारिक रसीद नहीं है। उनके मुताबिक चंपत राय ने कहा था कि पहले चांदी की क्वालिटी चेक करेंगे। उसके बाद हम रसीद भेज देंगे। प्राप्ति रसीद आज तक नहीं मिली।

 

 

कितने किलो की थी एक ईंट

Ram Mandir Donation Controversy राजू मनवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि हर ईंट एक किलो की थी। जिसपर साईं झूलेलाल की तस्वीरें उकेरी गई थी। मंदिर ट्रस्ट की तरफ से बताया गया था कि चांदी की ईंटों की असलियत और क्वालिटी की जांच की जाएगी। बाद में हमें बताया जाएगा कि उनका इस्तेमाल कहां किया जाएगा। लेकिन पिछले पांच-छह सालों में हमें कोई जानकारी मिली।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.