सिंगापुर में प्रख्यात तमिल हस्तियां ‘ग्लोबल तमिल्स अवॉर्ड’ से सम्मानित

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सिंगापुर में प्रख्यात तमिल हस्तियां ‘ग्लोबल तमिल्स अवॉर्ड’ से सम्मानित

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 11:55 AM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 11:55 AM IST

( गुरदीप सिंह )

सिंगापुर, 20 फरवरी (भाषा) इंडोनेशिया, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर में रह रहे तमिल मूल के तीन व्यक्तियों तथा तमिलनाडु के एक प्राध्यापक को इस सप्ताह सिंगापुर की 74 वर्ष पुरानी एक संस्था ने दक्षिण भारतीय भाषा और संस्कृति के संवर्धन में योगदान के लिए सम्मानित किया।

सिंगापुर स्थित साप्ताहिक अखबार ‘तबला’ के अनुसार, ‘तमिल्स फेस्टिवल 2026 ग्लोबल तमिल्स अवॉर्ड्स’ समारोह का आयोजन ‘तमिल्स आर्ट्स एंड कल्चर सोसायटी’ (टीएसीएस) ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय तमिल संगठनों के सहयोग से किया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह पहल अगली पीढ़ी के लिए तमिल भाषा, कला और संस्कृति को संरक्षित करने का संगठित प्रयास है।

मंगलवार को आयोजित यह उत्सव मूल रूप से 1952 में तमिल मुरासु अखबार के संस्थापक तमिजवेल जी सरंगपाणी ने सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया था। उनका निधन हो चुका है।

टीएसीएस के अध्यक्ष मा. गोविंदराजू ने कहा कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य 1950 के दशक में सरंगपाणी द्वारा प्रोत्साहित एकता और भाईचारे की भावना को पुनर्जीवित करना है, जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर थी।

समारोह में साहित्य, कला एवं प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में तमिल भाषा के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

तमिलनाडु के प्रोफेसर थमिलप्परिथि मारी को ‘सोरकलंजिया सेम्मल’ (शब्दकोश विशेषज्ञ) पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें 174 भाषाओं के वैश्विक ऑनलाइन शब्दकोश ढांचे में तमिल को 24वें से सातवें स्थान पर पहुंचाने का श्रेय दिया गया है।

उन्होंने अगले तीन वर्षों में तमिल को अंग्रेजी से आगे शीर्ष स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य जताया।

इंडोनेशिया तमिल संगम के अध्यक्ष डॉ. विसागन मैलाचलम को ‘लाइफटाइम तमिल लिटरेरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में तमिल शिक्षा चार से बढ़कर 10 विद्यालयों तक पहुंच चुकी है और 2026 तक 2,000 बच्चों तक तमिल शिक्षा का ज्ञान देने का लक्ष्य है।

स्विट्जरलैंड स्थित तमिल कवि और लेखक डॉ. गंगाइमगन को भी इसी श्रेणी में सम्मानित किया गया। उन्होंने समारोह में अपनी नौवीं पुस्तक ‘गंगाइमगन कवितैगल’ का विमोचन किया, जिसमें प्राचीन तमिल काव्य की आधुनिक संदर्भ में व्याख्या की गई है।

सिंगापुर की बहु-विषयक मीडिया कलाकार विक्नेस्वरी वडिवलगन को संगीत में 48 वर्षों के योगदान के लिए ‘इसै तमिल सेम्मल’ (संगीत विशेषज्ञ) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

भाषा मनीषा रंजन

रंजन