जम्मू, तीन मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर में 17 लाख कनाल से अधिक सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दर्ज किया गया है, जिसके संबंधित रिकॉर्ड राजस्व अभिलेखों से हटा दिए गए हैं, जबकि 2019 से अब तक 75,000 कनाल से अधिक भूमि विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों को हस्तांतरित की जा चुकी है। यह जानकारी आधिकारिक आंकड़ों से मिली।
आंकड़ों से पता चला है कि जम्मू कश्मीर में कुल 1,00,06,163.9 कनाल सरकारी भूमि है, जिसमें से 17,27,246.5 कनाल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है।
सरकार ने अतिक्रमण के अंतर्गत राज्य, सरकार और जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की भूमि का संभागवार विवरण, भूमि की पुनर्प्राप्ति और नियमितीकरण के लिए उठाए गए कदम और 2019 के बाद संस्थानों और सरकारी विभागों (जिनमें केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हैं) को आवंटित भूमि का विवरण साझा किया।
आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर संभाग में कुल 16,54,709.9 कनाल सरकारी भूमि दर्ज की गई है, जिसमें से 3,27,198.5 कनाल भूमि पर अतिक्रमण है। इसमें कहा गया है कि 3,27,199 कनाल भूमि से संबंधित प्रविष्टियों को राजस्व अभिलेखों से हटा दिया गया है।
बारामूला जिले में सबसे अधिक 81,327.65 कनाल भूमि पर अतिक्रमण है, इसके बाद कुपवाड़ा (52,698.1 कनाल), पुलवामा (42,730.8 कनाल) और अनंतनाग (36,984 कनाल) का स्थान आता है। श्रीनगर जिले में 13,862.95 कनाल भूमि पर अतिक्रमण दर्ज किया गया है।
जम्मू संभाग में कुल 83,51,454 कनाल और 61 मरला सरकारी भूमि में से 14,00,048 कनाल भूमि पर अतिक्रमण पाया गया। राजस्व अभिलेखों में इतनी ही भूमि के संबंधित रिकॉर्ड हटा दिए गए हैं।
भाषा शुभम मनीषा
मनीषा