पश्चिम एशिया संघर्ष न सुलझा तो ऊर्जा संकट बढ़ेगा: फारूक अब्दुल्ला
पश्चिम एशिया संघर्ष न सुलझा तो ऊर्जा संकट बढ़ेगा: फारूक अब्दुल्ला
(फाइल फोटो के साथ)
श्रीनगर, 12 मई (भाषा) नेशनल कांन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि अगर पश्चिम एशिया का संघर्ष जल्द नहीं सुलझा तो देश ऊर्जा संकट की ओर बढ़ता जायेगा।
अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा,‘‘संकट हमारे करीब आ रहा है—ईंधन संकट, गैस संकट। हम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं।’’
पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ईंधन बचाने के लिए स्कूलों को ऑनलाइन तरीके में ले जाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सभी विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन सुविधा नहीं है। हमें सोचना पड़ेगा और इस संबंध में कुछ करना होगा क्योंकि शिक्षा बहुत जरूरी है।’’
एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि अर्थव्यवस्था गंभीर स्थिति में है।
उन्होंने कहा, ‘‘हां, अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से गंभीर संकट में है। अगर यह ईरान-अमेरिका संघर्ष जल्द खत्म नहीं हुआ तो भगवान ही मालिक है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ईंधन की बचत और आयात में कमी करने का आह्वान किया था क्योंकि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने सोने की खरीद में भी संयम बरतने का आग्रह किया था ।
शराब पर प्रतिबंध लगाने की पीडीपी की मांग पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह महज आलोचना के लिए सरकार की आलोचना कर रही है, क्योंकि उसके पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
उन्होंने पीडीपी का नाम लिये बगैर सवाल किया कि जब शराब की दुकानें खोली जा रहा थी, तब वे क्यों चुप थे।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को शराब पर प्रतिबंध से होने वाली राजस्व हानि के लिए कोई राहत देती है तो राज्य सरकार मद्यनिषेध लागू करने में एक क्षण भी नहीं गंवाएगी।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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