इंफाल, 16 सितंबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि राज्य में लंबे समय से जारी जातीय संघर्ष के कारण 2023 से 2026 के बीच माल एवं सेवाकर (जीएसटी) राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है।
ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) के 52वें स्थापना दिवस समारोह में सिंह ने कहा कि बंद और नाकेबंदी के असर ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों और विकास को काफी प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, “राज्य में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण 2023 से 2026 के बीच जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है, जिससे मणिपुर की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव पड़ा है।”
उन्होंने आर्थिक सुधार और विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के वास्ते सामूहिक प्रयासों का भी आह्वान किया।
मई 2023 में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से, राज्य को कई बार आर्थिक नाकेबंदी का सामना करना पड़ा है, जिससे सामान और लोगों की आवाजाही बाधित हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की मौत हुई है, 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
सिंह ने राज्य में नागरिक संस्थाओं से यह भी अपील की कि वे बंद और नाकेबंदी का सहारा न लें।
पत्रकारों के कल्याणकारी कदमों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पेंशन राशि 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह की जाएगी, जबकि पारिवारिक पेंशन को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।
भाषा प्रशांत पवनेश
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