नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा बुधवार को जारी नवीनतम प्रतिबंध सूची में एथलेटिक्स कोच राकेश कुमार पर प्रतिबंधित पदार्थ देने के मामले में आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है जबकि पावरलिफ्टर गौरव वत्स को प्रतिबंधित दवाओं को रखने और उनकी तस्करी के आरोप में अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
राकेश को पिछले साल मार्च में निलंबित किया गया था और उन पर लगाया गया प्रतिबंध उसी अवधि से प्रभावी माना जाएगा।
राष्ट्रीय अंतर राज्यीय चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता धाविका प्रकृति रूपा राव को प्रतिबंधित स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल और ड्रोस्टानोलोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
अन्य प्रमुख नामों में खेलो इंडिया खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारोत्तोलक चेल्सी भी शामिल हैं जिन पर डोप परीक्षण में विफल रहने के कारण पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
अस्थायी रूप से निलंबित किए गए अन्य खिलाड़ियों में एक नाबालिग भारोत्तोलक भी शामिल है। ऑक्सैंड्रोलोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस भारोत्तोलक का नाम सूची में जोड़ा गया है।
मध्यम दूरी के धावक कौशल कुमार, स्टीपलचेज धावक जुझार सिंह और लंबी दूरी की धाविका बलजीत कौर भी निलंबित खिलाड़ियों में शामिल हैं जिससे भारतीय एथलेटिक्स पर डोपिंग का साया बरकरार है।
कुल मिलाकर एथलेटिक्स से सात नाम अस्थायी रूप से निलंबित लोगों की सूची में शामिल हैं।
पावरलिफ्टर वत्स भी नाडा द्वारा निलंबित खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी पोषण सप्लीमेंट कंपनी के परिसर में प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
अप्रैल में नाडा की खुफिया एवं जांच (आईएंडआई) इकाई से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस समेत विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में नजफगढ़ स्थित वत्स की कंपनी के परिसर से मेथेनोलोन और स्टैनोजोलोल जैसे एनाबॉलिक स्टेरॉयड समेत कई प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए थे।
संयुक्त कार्यबल का नेतृत्व केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (सीएफएसओ) ने किया था जिसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अधिकारी भी शामिल थे।
करीब 2,800 कैप्सूल/टैबलेट और प्रतिबंधित पदार्थों की 11 ‘इंजेक्टेबल यूनिट’ बरामद की गई थी। इनमें मेथेनोलोन एनन्थेट, ट्रेंबोलोन और स्टैनोजोलोल जैसे एनाबॉलिक स्टेरॉयड शामिल हैं।
इसके अलावा 300 मेथैंडिएनोन और 850 ऑक्सैंड्रोलोन टैबलेट तथा 1,500 सिलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (एसएआरएम) कैप्सूल भी बरामद किए गए। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने इन सभी पदार्थों को प्रतिबंधित किया है क्योंकि इनका दुरुपयोग मांसपेशियों का आकार बढ़ाने और अनुचित प्रदर्शन लाभ हासिल करने के लिए किया जा सकता है।
बरामद की गई चीजों में एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट के इंजेक्शन भी शामिल थे। यह एक प्रतिबंधित हार्मोन और मेटाबोलिक मॉड्यूलेटर है जिसका इस्तेमाल एंड्यूरेंस बढ़ाने के लिए किया जाता है।
भाषा सुधीर मोना
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