नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के एक पीजी की इमारत ढहने की घटना को लेकर कांग्रेस ने रविवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर छात्र का जीवन अनमोल है और हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार अपराह्न छात्रों के ‘पीजी’ के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था – अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे छात्रावास न होने के कारण छात्र पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।’’
राहुल गांधी ने कहा कि हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में आयोजित एक कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और उसके छात्रों के बारे में बात कर रहे थे, जबकि आज साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र असुरक्षित पीजी की इमारत के मलबे में फंसे हुए हैं।
सिंघवी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री वास्तव में खुद को दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र मानते हैं, तो शायद उन्हें यह पूछना चाहिए कि जिन छात्रों को सरकार की सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है, उन्हीं के लिए इमारतों की सुरक्षा संबंधी ऑडिट क्यों विफल रहे।’’
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि वह उन परिवारों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने इस हादसे में किसी अपने को खो दिया है।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इसी साल 30 मई को सैदुलाजाब में जो इमारत गिरी थी, उसके मरने वालों में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र थे। इसलिए दिल्ली नगर निगम बताए कि डीयू के दोनों कैंपस के आसपास जिन इमारतों में पीजी चल रहे हैं, उनमें से कितनों की सुरक्षा जांच हुई है और किस इमारत में क्या निकला। यह सूची इमारतवार सार्वजनिक हो।’’
उन्होंने कहा कि जो बच्चा पढ़ने के लिए घर छोड़कर आया है, उसे यह जानने का हक है कि जिस इमारत में वह सो रहा है वह सुबह तक खड़ी रहेगी या नहीं।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढहने और छात्रों के मलबे में फंसे होने की खबर बेहद परेशान करने वाली है तथा यह सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दावा किया कि घटना के करीब दो घंटे बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
जाखड़ ने कहा, ‘‘जैसे ही हमें घटना की जानकारी मिली, एनएसयूआई की टीम मलबे के नीचे फंसे छात्रों को बाहर निकालने के लिए तुरंत जुट गई। जब छात्र जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे, उस समय दिल्ली प्रशासन की न तो कोई तैयारी नजर आई और न ही संवेदनशीलता।’’
जाखड़ ने सवाल किया कि मासूम छात्रों की सुरक्षा से यह खिलवाड़ आखिर कब तक जारी रहेगा।
भाषा
शफीक नरेश
नरेश