दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि दक्षेस के तहत सहयोग में कौन बाधा डाल रहा : भारत

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दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि दक्षेस के तहत सहयोग में कौन बाधा डाल रहा : भारत

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 06:53 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 06:53 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारत ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि वह दक्षेस समूह के ढांचे के तहत सहयोग को ‘‘अवरुद्ध’’ करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन नयी दिल्ली मजबूत क्षेत्रीय सहयोग की पक्षधर है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह टिप्पणी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की ओर से दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) को फिर से सक्रिय करने की वकालत किए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में की।

मुइज्जू ने रविवार को दिए अपने संबोधन में दक्षेस सदस्य देशों के बीच मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का आह्वान किया था।

जायसवाल ने अपनी द्वि-साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘भारत मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का समर्थन करता है और इसके लिए कई दशकों से काम करता आ रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण एशिया में हर कोई इस बात से अवगत है कि कौन-सा देश और कौन-सी गतिविधियां दक्षेस को बाधित करने के लिए जिम्मेदार हैं। आखिरकार, सहयोग के लिए सद्भावना की आवश्यकता होती है।’’

दक्षेस में भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान शामिल है। यह समूह 2016 से बहुत प्रभावी नहीं रहा है, क्योंकि 2014 में काठमांडू में हुए आखिरी शिखर सम्मेलन के बाद से इसके द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं हुए हैं।

वर्ष 2016 में दक्षेस शिखर सम्मेलन इस्लामाबाद में आयोजित होना था, लेकिन उसी वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक शिविर पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ‘‘तत्कालीन परिस्थितियों’’ के कारण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने में असमर्थता जताई थी।

बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इस्लामाबाद बैठक में भाग लेने से इनकार करने के बाद यह शिखर सम्मेलन रद्द कर दिया गया था।

भाषा देवेंद्र पारुल

पारुल