ग्लास्गो, 28 जुलाई (भाषा) एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार और मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेलों के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जीत के साथ भारत के लिए मुक्केबाजी में दो पदक पक्के कर दिए।
मुक्केबाजी में भारत के तीन पदक पक्के हो गये। अनुभवी लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल से अपना अभियान शुरू करेंगी जिससे उनका भी पदक पक्का हो गया है।
पूर्व एशियाई चैंपियन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा को हालांकि महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में उतरीं 22 वर्षीय प्रीति पवार ने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश कर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।
बाईस वर्षीय प्रीति ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और अपने से लंबी खिलाड़ी क्लाइड के खिलाफ भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआत से ही तेज गति, सटीक पंच और बेहतरीन रिंग रणनीति का प्रदर्शन किया।
पहले राउंड में प्रीति ने अपनी फुर्ती और आक्रामक अंदाज से प्रतिद्वंद्वी को दबाव में रखा। उन्होंने पंच की लगातार झड़ी लगाकर क्लाइड के डिफेंस को भेद कर एकतरफा जीत पक्की की।
सेमीफाइनल में प्रीति का सामना जाम्बिया की कैथरीन मवापे से होगा। यह प्रीति पवार का राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक होगा।
इससे पहले उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। अब उनकी नजरें फाइनल में पहुंचकर पदक का रंग बदलने पर होंगी।
महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास ने भी पदक पक्का किया। अप्रैल में उलानबटोर में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली 20 वर्षीय प्रिया ने स्कॉटलैंड की स्थानीय दावेदार नियाम मिशेल को 4-1 के विभाजित फैसले से हराया।
प्रिया ने पहले राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। मिशेल ने शुरुआती राउंड 4-1 से अपने नाम किया, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे राउंड में आक्रामकता और सटीक पंचों के साथ वापसी करते हुए इसे 4-1 से जीत लिया। निर्णायक तीसरे राउंड में प्रिया ने धैर्य बनाए रखा और प्रभावी पंच संयोजन के दम पर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इसके बाद परवीन को इंग्लैंड की साशा हिकी के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 2-3 के विभाजित फैसले से शिकस्त मिली।
भारतीय मुक्केबाज शुरुआती दो राउंड में जजों के अधिकांश स्कोरकार्ड पर पिछड़ गई थीं।
परवीन ने अंतिम राउंड में जोरदार वापसी करते हुए बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती राउंड की कमी को पूरा नहीं कर सकीं और उनका राष्ट्रमंडल खेलों का सफर क्वार्टरफाइनल में ही समाप्त हो गया।
भाषा
आनन्द सुधीर
सुधीर