‘संकट में ममता का साथ देने’ के बदले पूर्व डीजीपी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर इनाम दिया गया: दिलीप घोष

‘संकट में ममता का साथ देने’ के बदले पूर्व डीजीपी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर इनाम दिया गया: दिलीप घोष

‘संकट में ममता का साथ देने’ के बदले पूर्व डीजीपी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर इनाम दिया गया: दिलीप घोष
Modified Date: February 28, 2026 / 03:05 pm IST
Published Date: February 28, 2026 3:05 pm IST

कोलकाता, 28 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने शनिवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार को “हर संकट में उनका साथ देने” के लिए राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर इनाम दिया है।

डीजीपी पद से 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए कुमार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए पार्टी उम्मीदवार बनाया है। इस संबंध में पूछे जाने पर घोष ने कहा कि संसद के उच्च सदन के चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाया जाए, यह तृणमूल कांग्रेस का फैसला है।

उन्होंने कहा, “लेकिन राजीव कुमार जैसे लोग ममता बनर्जी के बहुत काम आए। हर संकट में और प्रशासन संभालने में वह उनके साथ रहे, इसलिए उन्हें इनाम दिया जाना तय था।”

राजीव कुमार शारदा चिटफंड मामले की जांच को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच हुए चर्चित टकराव के केंद्र में रहे थे।

कुमार के अलावा तृणमूल कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को राज्य के मंत्री बाबुल सुप्रिया, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मलिक को भी उम्मीदवार घोषित किया।

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से राज्यसभा की 37 सीट के लिए 16 मार्च को मतदान का ऐलान किया है।

संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में संख्या बल पर्याप्त होने से राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस राज्य की पांच में से चार राज्यसभा सीट पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि विपक्षी भाजपा एक सीट अपने खाते में ला सकती है।

भाषा खारी अमित

अमित


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