कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कार्यकारी ने नगर निकाय की रकम से ‘हेराफेरी’ करके लग्जरी कार खरीदीं : ईडी
कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कार्यकारी ने नगर निकाय की रकम से 'हेराफेरी' करके लग्जरी कार खरीदीं : ईडी
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि कोटक महिंद्रा बैंक के एक पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट ने हरियाणा में पंचकूला नगर निगम के खातों से कथित तौर पर निकाले गए पैसों से पोर्श, बीएमडब्ल्यू और हार्ले-डेविडसन जैसे लग्जरी वाहन खरीदे।
संघीय एजेंसी ने बैंक के पूर्व कार्यकारी पुष्पेंद्र सिंह और आठ अन्य लोगों के खिलाफ ‘धनशोधन निवारण अधनियम’ (पीएमएलए) अदालत में 30 जुलाई को दाखिल आरोपपत्र में यह दावा किया।
सिंह, निजी बैंक (कोटक महिंद्रा) के दो अन्य कर्मचारियों और पंचकूला (हरियाणा) नगर निगम के एक कर्मचारी पर आरोप है कि उन्होंने नगर निकाय की सावधि जमा (एफडी) को दूसरी जगह लगाकर हरियाणा सरकार के साथ 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की।
ईडी ने कहा कि इन चारों ने कथित तौर पर राज्य सरकार के विभाग की रकम का “गबन” करने के लिए धोखाधड़ी की।
ईडी ने पांच अगस्त को जारी एक बयान में कहा कि जांच के दौरान उसे पता चला कि सिंह ने अपराध से मिली रकम से महंगी गाड़ियां खरीदी थीं, जिनमें पोर्शे कायेन, बीएमडब्ल्यू जेड4, बीएमडब्ल्यू 740एलआई, बीएमडब्ल्यू एक्स7, बीएमडब्ल्यू 749आई, जीप रैंगलर (2021 और 2024 मॉडल), लैंड क्रूजर और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि कथित धोखाधड़ी का पता चलने के बाद गाड़ियों को बाद में तीसरे पक्ष को बेच दिया गया था।
धनशोधन का यह मामला हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। यह प्राथमिकी पंचकूला नगर निगम की रकम में हेराफेरी के आरोपों पर दर्ज की गई थी, जो एक “गहरी और सुनियोजित” आपराधिक साजिश के जरिए की गई थी।
ईडी के अनुसार, सिंह ने नगर निगम के अधिकारी विकास कौशिक और कोटक महिंद्रा बैंक के एक अन्य कर्मचारी दिलीप राघव के साथ मिलकर, “नकली” दस्तावेजों और अधिकार-पत्र का इस्तेमाल करके नगर निकाय के नाम पर दो “अनधिकृत” बैंक खाते खोले।
एजेंसी ने कहा, “पंचकूला नगर निगम की ओर से भेजे गए सभी असली संचार, अधिकार-पत्र और निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बजाय, सिंह और कौशिक ने दूसरों की मदद से इन दो अवैध खातों को खोलने के मकसद से कई समानांतर अधिकार पत्र तैयार किए।”
इसके बाद, उन्होंने नगर निगम पंचकूला के नाम से बनाए गए “फर्जी” अधिकार पत्र का इस्तेमाल करके कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद निगम के असली खातों से इन अनधिकृत खातों में रकम अंतरित की।
आरोप-पत्र के मुताबिक, “पता चला है कि कोटक महिंद्रा बैंक के सतीश कुमार भी इस धोखाधड़ी में शामिल थे।”
एजेंसी का आरोप है कि दो फर्जी खातों और असली खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को बदलकर ऐसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डाल दिए गए, जो कौशिक और सिंह के “सीधे नियंत्रण” में थे।
एजेंसी का दावा है कि ये रकम उन लोगों और संस्थाओं को अंतरित किए गए जो इन दोनों से जुड़े थे, जिनमें सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर भी शामिल हैं। कुछ रकम का इस्तेमाल लग्जरी घड़ियां और फर्नीचर खरीदने के लिए भी किया गया।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश

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