कोयला घोटाले में पूर्व सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे और पूर्व कोयला सचिव बरी

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कोयला घोटाले में पूर्व सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे और पूर्व कोयला सचिव बरी

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 03:28 PM IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता को कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित एक मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश या कदाचार का कोई सबूत न मिलने के बाद बरी कर दिया।

सीबीआई की विशेष न्यायाधीश सुनैना शर्मा ने मनोज कुमार जायसवाल और ‘मैसर्स एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ को भी बरी कर दिया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित कोयला घोटाले के संबंध में 50 से अधिक मामले दर्ज किए थे।

मौजूदा मामला महाराष्ट्र के बांदर में कोयला ब्लॉक आवंटन के संबंध में संघीय एजेंसी द्वारा दाखिल किए गए पहले आरोपपत्र से जुड़ा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, ‘एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ ने केंद्रीय कोयला मंत्रालय को कोयला ब्लॉक का आवंटन प्राप्त करने के लिए गुप्ता के साथ साजिश रचते हुए आवेदन में झूठी जानकारी प्रस्तुत की थी।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि महाराष्ट्र से तत्कालीन राज्यसभा सदस्य दर्डा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश की थी।

हालांकि, अदालत ने सीबीआई के आरोपों को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि उसके सामने मौजूद सबूतों से यह पता चलता है कि आवंटन प्रक्रिया के दौरान प्रासंगिक जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास पहले से ही उपलब्ध थी और किसी भी गवाह ने प्रलोभन या धोखे के दावों की पुष्टि नहीं की।

अदालत के अनुसार, अभियोजन पक्ष धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों को साबित करने में विफल रहा। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि कंपनी के आवेदन या ‘फीडबैक’ प्रपत्र में किसी भी प्रकार के झूठे या बेईमान इरादे को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं है।

अदालत के विस्तृत फैसले की प्रतीक्षा है।

भाषा राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल