अहमदाबाद, दो फरवरी (भाषा) आध्यात्मिक प्रचार और सांस्कृतिक कूटनीति के एक प्रयास के रूप में कोलंबो में चार फरवरी से भगवान बुद्ध के पवित्र देवनिमोरि अवशेषों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
इन पवित्र अवशेषों के साथ गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल जाएगा जिसमें भिक्षु भी शामिल होंगे।
सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, अपने आध्यात्मिक महत्व से परे, गुजरात के अरावली ज़िले में पाए गए इन अवशेषों की प्रदर्शनी भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को आगे बढ़ाने और उसकी जन-केंद्रित विदेश नीति को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उद्देश्य भी निभाती है।
इसमें कहा गया है, “अप्रैल 2025 में श्रीलंका की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए दृष्टिकोण की निरंतरता में श्रीलंका में भारत भगवान बुद्ध के पवित्र देवनिमोरि अवशेषों की प्रदर्शनी के माध्यम से आध्यात्मिक संपर्क और सांस्कृतिक कूटनीति का एक संकेत देने के लिए तैयार है।”
वर्तमान में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा (वडोदरा) में रखे गए पवित्र अवशेष चार से दस फरवरी तक कोलंबो के गंगारामया मंदिर में सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए ले जाए जाएंगे। अवशेष 11 फरवरी को वापस लाए जाएंगे।
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शुभम प्रशांत
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