राजस्थान में पवित्र उपवनों की पहचान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन: केंद्र ने न्यायालय को बताया

राजस्थान में पवित्र उपवनों की पहचान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन: केंद्र ने न्यायालय को बताया

राजस्थान में पवित्र उपवनों की पहचान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन: केंद्र ने न्यायालय को बताया
Modified Date: April 29, 2025 / 10:01 pm IST
Published Date: April 29, 2025 10:01 pm IST

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) केंद्र के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उसने राजस्थान में पवित्र उपवनों या ओरण की पहचान के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की है।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव के रुख को रिकॉर्ड पर लिया और कहा, ‘‘यह प्रस्तुत किया जाता है कि इस अदालत द्वारा पारित आदेशों को लागू करने में देरी जानबूझकर नहीं की गई थी, बल्कि प्रक्रियात्मक पहलुओं के कारण (देरी) हुई थी। हलफनामे में कहा गया है कि अब समिति का गठन कर दिया गया है। हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया जाता है।’’

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 18 दिसंबर को केंद्र को पवित्र उपवनों के रूप में चर्चित एवं एक विशेष समुदाय द्वारा संरक्षित वनों के शासन और प्रबंधन के लिए एक व्यापक नीति बनाने की सिफारिश की थी।

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न्यायालय ने 16 अप्रैल को मंत्रालय के सचिव को निर्देश दिया था कि वह 29 अप्रैल (आज) अपने समक्ष उपस्थित होकर उसके 16 जनवरी के आदेश का पालन न करने को लेकर अवमानना ​​मामले में अपना पक्ष रखें। इन कारणों में विशेषज्ञ समिति गठित करने का राज्य सरकार का वादा भी शामिल था।

पीठ ने मंगलवार को मंत्रालय के सचिव के माफीनामे को कबूल कर लिया और कार्यवाही बंद कर दी।

भाषा सुरेश रंजन

रंजन


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