RSS Chief Mohan Bhagwat in MP: आज भोपाल पहुंचेंगे RSS चीफ मोहन भागवत.. युवाओं और प्रबुद्धजनों से होगा संवाद, जानें किन कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

RSS Chief Mohan Bhagwat in Madhya Pradesh: छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। यह सम्मेलन अभनपुर के सोनपैरी गांव स्थित असंग देव कबीर आश्रम में आयोजित किया गया जहां डॉ. मोहन भागवत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।

RSS Chief Mohan Bhagwat in MP: आज भोपाल पहुंचेंगे RSS चीफ मोहन भागवत.. युवाओं और प्रबुद्धजनों से होगा संवाद, जानें किन कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

RSS Chief Mohan Bhagwat in Madhya Pradesh || Image- Image- IBC24 News Archive

Modified Date: January 2, 2026 / 08:38 am IST
Published Date: January 2, 2026 8:37 am IST
HIGHLIGHTS
  • भोपाल में RSS प्रमुख का प्रवास
  • युवाओं और प्रबुद्धजनों से संवाद
  • संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर फोकस

RSS Chief Mohan Bhagwat in Madhya Pradesh: भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज भोपाल प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे युवाओं और प्रबुद्धजनों से संवाद करेंगे। दो दिवसीय प्रवास के दौरान संघ की 100 वर्षों की यात्रा के उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए कुल चार प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

युवाओं और प्रबुद्धजनों से होगा संवाद (Dialogue with youth and intellectuals)

सरसंघचालक के इस प्रवास के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में युवा, सामाजिक-धार्मिक नेतृत्व और मातृशक्ति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। सभी कार्यक्रम चयनित सहभागियों के साथ संवादात्मक स्वरूप में आयोजित होंगे, ताकि विचारों का खुला आदान-प्रदान हो सके।

कार्यक्रमों की शुरुआत आज सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रांत स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम से होगी। इस कार्यक्रम में वे युवा शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, नवाचार, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं।

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संवाद के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत युवाओं से राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और जीवन में मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। संघ की शताब्दी यात्रा के संदर्भ में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।

अभनपुर में हिन्दू-सम्मलेन में हुए शामिल (Participation in Hindu Conference at Abhanpur)

RSS Chief Mohan Bhagwat in Madhya Pradesh: गौरतलब हैं कि, छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। यह सम्मेलन अभनपुर के सोनपैरी गांव स्थित असंग देव कबीर आश्रम में आयोजित किया गया जहां डॉ. मोहन भागवत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। सम्मेलन का शुभारंभ मंच पर राष्ट्रीय संत असंग देव, गायत्री परिवार की प्रमुख उर्मिला नेताम सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित भाजपा, आरएसएस और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रमुख नेता एवं पदाधिकारी भी शामिल हुए।

हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आरएसएस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर उत्सव मनाने के बजाय समाज के बीच जाकर कार्य करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि चर्चा संकट की नहीं, बल्कि उसके समाधान की होनी चाहिए। डॉ. भागवत ने जीवन में पांच बातों का विशेष ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी को अपना मानें, अपनों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं, देश और समाज के लिए समय व धन दें, अपनी भाषा का अधिक प्रयोग करें, स्वावलंबी बनें और संविधान का पालन करें। उन्होंने बताया कि आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का संदेश देना है।

‘समाज, देश और जीवन में ये पांच बातें ध्यान रखें’ : भागवत (Five principles for society and nation)

RSS Chief Mohan Bhagwat in Madhya Pradesh: विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल गायत्री परिवार की प्रमुख उर्मिला नेताम ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि इसकी अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और गीत के माध्यम से संदेश दिया कि यदि नारी जाग जाए तो देश बदल सकता है। राष्ट्रीय संत असंग देव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वयंसेवक संघ स्वयं की सेवा करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि संस्कारों के अभाव में मनुष्य देवताओं से श्रेष्ठ जीवन मिलने के बावजूद भी हैवानियत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने संगत और अनुशासन को जीवन, परिवार और राष्ट्र के लिए अनिवार्य बताया और कहा कि आपस में बंटकर नहीं, बल्कि सटकर रहना चाहिए।

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