Bhagirathpura Water Contamination: भागीरथपुरा गंदा पानी से मौत का मामला.. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, अब तक 14 ने गंवाई है जान..
Bhagirathpura Water Contamination: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावितों का समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए।
Bhagirathpura Water Contamination || Image- AI Generated
- NHRC ने स्वतः संज्ञान लिया
- दूषित पानी से 14 मौतें
- मृतकों के परिजनों को 2 लाख सहायता
Bhagirathpura Water Contamination: इंदौर: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मीडिया रिपोर्ट पर खुद संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 40 से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि इलाके के लोग कई दिनों से दूषित पानी की सप्लाई की शिकायत कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर नोटिस
आयोग ने पाया है कि अगर खबर सही है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए, आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ़्ते के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 31 दिसंबर 2025 को छपी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में पीने के पानी की सप्लाई करने वाली मुख्य पाइपलाइन एक पब्लिक टॉयलेट के नीचे से गुज़रती है। मुख्य लाइन में लीकेज को कारण बताया जा रहा है। सीवेज का पानी, पीने के पानी में मिल गया। इसके अलावा, इलाके में पानी की कई डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें भी टूटी हुई पाई गईं, जिसकी वजह से दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा था।
NHRC, India takes suo motu cognizance of the reported death of 7 persons after consuming contaminated water being supplied in the Bhagirathpura area of Indore district, Madhya Pradesh: Over 40 people hospitalised. Press release at: https://t.co/Rr8gb8dotk pic.twitter.com/ihLuYdFZgF
— NHRC India (@India_NHRC) January 1, 2026
अबतक 14 की मौत, 200 अस्पतालों में भर्ती
Bhagirathpura Water Contamination: गौरतलब है कि, भागीरथपुरा इलाके के पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाले घातक जीवाणु पाए गए हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि पानी में पांच अलग-अलग प्रकार के घातक बैक्टीरिया मौजूद हैं। गंदा पानी विशेष रूप से कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग और बच्चे के लिए घातक साबित हो सकता है। अब तक इस संक्रमण के कारण 14 लोगों की मौत हुई है।
प्रशासन ने फिलहाल 08 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिसमें से केवल 04 को ही संक्रमण से होने वाली मौत माना गया है। वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जबकि 71 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी आश्वासन दिया है कि, राज्य की सरकार पूरी संवेदनशीलता से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। बीते बुधवार को सीएम डॉ मोहन ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित और उनके परिजनों से भेंट की और उनका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
इंदौर के भागीरथपुरा की दुखद घटना से प्रभावित हर परिवार के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।
आज इंदौर के अस्पतालों में उपचाररत प्रभावित नागरिकों, उनके परिजनों एवं उपचार में जुटे चिकित्सकों से भेंट कर स्थिति की जानकारी ली और मरीजों का कुशलक्षेम जाना। pic.twitter.com/0BTe1ZRi8V
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 31, 2025
परिवारों को दी जाएगी आर्थिक सहायता
Bhagirathpura Water Contamination: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। पेयजल के संक्रमित या दूषित होने के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश यथा समय संबंधित अधिकारियों को दिए गए। भागीरथपुरा की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों के समुचित और गुणवत्तापूर्ण इलाज के दिये निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावितों का समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पीड़ितों को आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और सभी जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं, जिससे किसी भी मरीज को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उपचार की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद इंदौर प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तत्परता के साथ उपचार में जुटा हुआ है। घटना के कारण पता करने के लिए विस्तृत जांच करवाई जा रही है।
आज होगा प्रदर्शन और घेराव
Bhagirathpura Water Contamination: इस मामले में विपक्षी दल कांग्रेस बेहद मुखर नजर आ रही है। भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में युवा कांग्रेस आज विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। युवा कांग्रेस दोपहर 2:00 बजे नगर निगम का घेराव करेगी। युवा कांग्रेस की मांग गई कि, पीड़ितों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। हालांकि इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर निगम में बैरिकेडिंग बढ़ाई जा रही है।
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