वोट के जरिए अनुच्छेद-370 निरस्त करने पर अपनी नाखुशी जाहिर करें : महबूबा मुफ्ती

वोट के जरिए अनुच्छेद-370 निरस्त करने पर अपनी नाखुशी जाहिर करें : महबूबा मुफ्ती

वोट के जरिए अनुच्छेद-370 निरस्त करने पर अपनी नाखुशी जाहिर करें : महबूबा मुफ्ती
Modified Date: April 29, 2024 / 04:31 pm IST
Published Date: April 29, 2024 4:31 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

श्रीनगर, 29 अप्रैल (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मतदाताओं से मौजूदा लोकसभा चुनाव में अपने वोट के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त करने पर अपनी नाखुशी दर्ज कराने की अपील की है।

महबूबा ने सोमवार को अनंतनाग जिले के लारकीपोरा इलाके में सड़क किनारे एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह कोई विधानसभा चुनाव नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस अथवा कांग्रेस पार्टी जीतेगी या नहीं। यह चुनाव एक संदेश देने वाला है कि 2019 में लिए गए फैसले और उसके बाद जो हुआ वह लोगों को स्वीकार्य नहीं है।’’

गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अतीत में बहुत कठिन दौर से गुजरा है और वर्तमान परिस्थिति भी कठिन है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अतीत में बेहद कठिन समय देखा है। वह समय भी नहीं रहा और न ही यह मौजूदा (परिस्थिति) रहेगी, लेकिन ऐसा केवल तभी संभव है जब हम इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से मिलकर लड़ेंगे।’’

महबूबा ने कहा कि लोग पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से कुछ समय से नाराज हो सकते हैं, लेकिन उन्हें एहसास है कि पार्टी ने उन्हें टास्क फोर्स, विद्रोही इखवान समूह और आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) से बचाया है।

पीपीडी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह मुफ्ती मोहम्मद सईद (जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और महबूबा मुफ्ती के पिता) के कार्यकाल के दौरान था जब विकास का एक नया युग शुरू हुआ था। भारत और पाकिस्तान के बीच एक संवाद प्रक्रिया शुरू हुई थी और प्रमुख मुद्दों पर कुछ हलचल होती दिख रही थी। ’’

महबूबा अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं, जहां सात मई को मतदान होना है।

भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन

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