विदेश मंत्री जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा करेंगे

विदेश मंत्री जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा करेंगे

विदेश मंत्री जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा करेंगे
Modified Date: September 2, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: September 2, 2026 9:18 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर मॉस्को और कीव के मध्य संघर्ष में बढ़ते तनाव के बीच बृहस्पतिवार से शुरू हो रही यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे।

कीव में, जयशंकर के रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने पर जोर देने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करेंगे।’’

मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान जयशंकर अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। साथ ही, यह क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान करेगी।’’

भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।

अगस्त 2024 में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा की थी और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कहा था कि यूक्रेन और रूस दोनों को युद्ध खत्म करने के लिए समय बर्बाद किए बिना एक साथ बैठना चाहिए।

इस सप्ताह बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक में, प्रधानमंत्री मोदी ने कूटनीति और बातचीत के जरिए संघर्ष को खत्म करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने बैठक की शुरुआत में कहा, ‘‘युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की ओर उठाया गया हर कदम मानवता में नयी उम्मीद एवं उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना चाहिए, जो मानवता की भलाई के लिए बहुत आवश्यक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश भी है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है: शांति का रास्ता।’’

सोमवार को हुई बैठक किर्गिस्तान गणराज्य में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी।

मंगलवार को एससीओ शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में मोदी ने जोर देकर कहा कि बातचीत और कूटनीति ही वैश्विक विवादों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है।

जयशंकर की कीव यात्रा ऐसे समय हो रही है जब इस हफ़्ते यूक्रेन की राजधानी में रूसी हमले में एक भारतीय की मौत को लेकर नयी दिल्ली में चिंता है।

पिछले कुछ हफ़्तों में काला सागर में व्यापारिक पोतों पर हुए सिलसिलेवार हमलों को लेकर भी भारत चिंतित रहा है।

भाषा

नेत्रपाल रंजन

रंजन


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