मुख्यमंत्री शुभेंदु का जनता दरबार : प्रसिद्ध बाउल गायक पूर्ण दास बाउल ने जमीन हड़पने का आरोप लगाया

मुख्यमंत्री शुभेंदु का जनता दरबार : प्रसिद्ध बाउल गायक पूर्ण दास बाउल ने जमीन हड़पने का आरोप लगाया

मुख्यमंत्री शुभेंदु का जनता दरबार : प्रसिद्ध बाउल गायक पूर्ण दास बाउल ने जमीन हड़पने का आरोप लगाया
Modified Date: September 9, 2026 / 02:04 pm IST
Published Date: September 9, 2026 2:04 pm IST

कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) प्रख्यात बाउल गायक और पद्म श्री से सम्मानित पूर्ण दास बाउल ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनसंपर्क कार्यक्रम में आरोप लगाया कि बीरभूम जिले में उनकी कृषि भूमि पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक पूर्व बाहुबली नेता और उसके सहयोगियों ने जबरन कब्जा कर लिया था और अभी तक जमीन उन्हें वापस नहीं मिली है।

बाउल अपने बेटे के साथ उन 100 से अधिक लोगों में शामिल थे, जो साल्ट लेक स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में अधिकारी द्वारा आयोजित ‘जनता दरबार’ में पहुंचे और अपनी शिकायतों के समाधान की मांग को लेकर फरियाद दर्ज कराई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध गायक ने कहा, “2020 में लॉकडाउन के समय से ही इलामबाजार में मेरी कृषि भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर रखा है।”

पूर्ण दास बाउल ने कथित तौर पर उनकी जमीन पर कब्जा करने वाले व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बेटे ने उसकी पहचान ‘केस्तो मंडल’ के रूप में की और आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जा करने में शामिल ‘शेख’ नाम के कुछ लोग उसके साथ थे।

यह पूछे जाने पर कि क्या उनका इशारा ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीरभूम जिला अध्यक्ष रह चुके और फिलहाल रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट से जुड़े अनुव्रत मंडल की ओर था, गायक के बेटे ने इसकी पुष्टि की।

इस बीच, नदिया निवासी और 2002 के दक्षिण कोरिया पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमना‌थ मालो भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए जीते गए पदक को अपने साथ लेकर पहुंचे थे।

ताहेरपुर निवासी मालो उन 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्होंने 2016 के एसएससी भर्ती मामले में अपनी नौकरियां गंवा दी थीं। उच्चतम न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया को अमान्य कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे थपथपाकर शाबाशी दी थी। लेकिन पिछली तृणमूल सरकार की शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में हुए भ्रष्टाचार के कारण मेरा भविष्य अनिश्चित हो गया है और मैं भुखमरी का सामना कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि जनता के मुख्यमंत्री शुभेंदु हमारी बदहाली खत्म करने के लिए कुछ करेंगे।”

रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक अधिकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा


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