किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज पांचवां दिन

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज पांचवां दिन

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज पांचवां दिन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: November 23, 2022 2:00 pm IST

चंडीगढ़, 23 नवंबर (भाषा) किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया।

डल्लेवाल ने पंजाब के फरीदकोट में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में वृद्धि, खराब मौसम और कीटों के हमले के कारण फसल को हुए नुकसान के वास्ते मुआवजे और पराली जलाने के लिए लगाए गए भारी जुर्माने को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए पिछले शनिवार को अपना अनशन शुरू किया था।

फरीदकोट में प्रदर्शनस्थल पर बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए डल्लेवाल ने कहा, “भले ही मैं मर जाऊं, मैं किसान साथियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन करने की अपील करता हूं।”

उन्होंने कहा कि उनका वजन कम होना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और निम्न रक्त शर्करा स्तर की बात इस समय उनके दिमाग में नहीं चल रही।

उन्होंने कहा, “मैं इन चीजों के बारे में नहीं सोच रहा।”

उन्होंने कहा कि हम यहां हैं क्योंकि सरकार को उन मांगों के लिये अधिसूचना जारी करनी चाहिए जिन्हें उसने पहले ही मान लिया है।

किसान नेता के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिये फरीदकोट में प्रदर्शन स्थल पर एक चिकित्सा दल को तैनात किया गया है।

डल्लेवाल के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे चिकित्सकों ने पूर्व में कहा था कि उनका रक्त शर्करा स्तर कम था।

जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डल्लेवाल को अनशन खत्म करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहे हैं।

डल्लेवाल ने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को किसानों के खिलाफ उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।

मान ने पिछले शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तहत पंजाब में सड़कों को बार-बार अवरुद्ध करने के लिए किसान संघों की आलोचना की थी।

इस पर पलटवार करते हुए डल्लेवाल ने कहा था कि अगर उनका धरना गलत था, तो आम आदमी पार्टी (आप) नेता दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए।

किसानों का धरना बुधवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया। पंजाब के अमृतसर, मनसा, पटियाला, फरीदकोट और बठिंडा में बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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