किसान आत्महत्या मामला: कांग्रेस ने ऊधमसिंह नगर के एसएसपी को हटाने की मांग की
किसान आत्महत्या मामला: कांग्रेस ने ऊधमसिंह नगर के एसएसपी को हटाने की मांग की
रुद्रपुर, 13 जनवरी (भाषा) ऊधमसिंह नगर जिले के किसान सुखवंत सिंह की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि 15 जनवरी तक एसएसपी को नहीं हटाया गया तो राज्य पुलिस मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
काशीपुर के पैगा गांव निवासी मृतक किसान के परिजनों से मुलाकात के बाद कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह मांग रखी।
इस मौके पर विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश भी मौजूद रहे।
गोदियाल ने कहा कि घटना के बाद कोतवाली आईटीआई के दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित किया गया और पैगा पुलिस चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया, जो महज दिखावा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जिले का शीर्ष पुलिस अधिकारी अपने पद पर बना रहेगा, तब तक जांच पर सवाल उठते रहेंगे। हमारी मांग है कि एसएसपी को तत्काल हटाया जाए, तभी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच संभव होगी।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। गोदियाल ने कहा कि किसान सुखवंत सिंह की मौत केवल एक व्यक्ति की आत्महत्या नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने से पहले जो बयान दिया, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए था, लेकिन दर्ज मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया। ऐसे में जब आरोपी ही जांच प्रक्रिया से बाहर हैं, तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी?’’
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 जनवरी तक एसएसपी को नहीं हटाया गया, तो कांग्रेस राज्य पुलिस मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी।
इस दौरान यशपाल आर्य ने कहा कि पुलिस की लगातार प्रताड़ना के कारण ही किसान को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘एक किसान को इतना परेशान किया गया कि उसे अपनी जान देनी पड़ी। यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों का मामला है। जब तक सुखवंत सिंह के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।’’
सिंह ने रविवार तड़के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित एक होटल के कमरे में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में किसान ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने जमीन के नाम पर उससे करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की। किसान ने यह भी कहा था कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
भाषा सं दीप्ति खारी
खारी

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