Pune Crime Branch Raid: उपमुख्यमंत्री के ‘वार रूम’ में क्राइम ब्रांच की रेड, चुनावी रणनीतिकार के दफ्तर में छापेमारी से मचा हड़कंप, प्रदेश की सियासत में भूचाल, उठे कई सवाल

Pune Crime Branch Raid: उपमुख्यमंत्री के ‘वार रूम’ में क्राइम ब्रांच की रेड, चुनावी रणनीतिकार के दफ्तर में छापेमारी से मचा हड़कंप, प्रदेश की सियासत में भूचाल, उठे कई सवाल

Pune Crime Branch Raid: उपमुख्यमंत्री के ‘वार रूम’ में क्राइम ब्रांच की रेड, चुनावी रणनीतिकार के दफ्तर में छापेमारी से मचा हड़कंप, प्रदेश की सियासत में भूचाल, उठे कई सवाल

Pune Crime Branch Raid/Image Source: ANI

Modified Date: January 14, 2026 / 03:35 pm IST
Published Date: January 14, 2026 3:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र की सियासत में हलचल
  • अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार के ऑफिस में छापा
  • चुनावी रणनीतिकार के दफ्तर पहुंची क्राइम ब्रांच

पुणे: Pune Crime Branch Raid:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार और राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोड़ा की कंपनी डिज़ाइन बॉक्स के पुणे स्थित कार्यालय पर पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई और इसे छापेमारी के तौर पर देखा जाने लगा।

क्राइम ब्रांच पहुंची अजित पवार के रणनीतिकार के ऑफिस (Pune Crime Branch action)

Pune Crime Branch Raid:  जानकारी के मुताबिक डिज़ाइन बॉक्स कंपनी अजित पवार के लिए राजनीतिक कंसल्टेंसी और मीडिया मैनेजमेंट का काम संभालती है। क्राइम ब्रांच की टीम अचानक दफ्तर पहुंची और कुछ दस्तावेजों व जानकारियों की जांच की। हालांकि इस कार्रवाई के पीछे के ठोस कारणों को लेकर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस मामले को लेकर उठी अटकलों पर खुद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कोई छापा नहीं था बल्कि पुलिस टीम सिर्फ जानकारी जुटाने के लिए दफ्तर पहुंची थी।

Pune Crime Branch Raid:  अजित पवार ने अपने बयान में कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया गया और दफ्तर से किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री या गड़बड़ी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। फिलहाल क्राइम ब्रांच की कार्रवाई को लेकर न तो किसी तरह की एफआईआर की पुष्टि हुई है और न ही किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि पुलिस की यह कार्रवाई आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या इस मामले में कोई आधिकारिक खुलासा किया जाता है या नहीं।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।